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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : वैक्सीन लगवाकर सुरक्षित महसूस कर रहे विद्यार्थी दूसरों से भी लगवाने का आग्रह
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वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुंगश में स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी खेलकूद का आनंद लेते हुए
- फोटो : RAMPUR-HP
आनी (कुल्लू)। कोरोनाकाल के दो साल के बाद स्कूल खुलने के साथ ही 12 से 14 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। टीकाकरण को लेकर विद्यार्थियों में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक कुंगश स्कूल के छठी और सातवीं कक्षा के करीब तीस बच्चों को भी इसी सप्ताह वैक्सीन का पहला डोल लगा है।
वैक्सीन लगवाने के बाद विद्यार्थियों ने माना की वजह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दो साल स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधित विकार सामने आएं हैं। कई विद्यार्थियों में चिड़चिड़ापन के लक्षण देखने गए हैं। वहीं आदतों में भी भिन्नता देखने को मिल रही है। इसको देखते हुए स्कूल प्रशासन ने मार्गदर्शन और निर्देशन समिति का गठन किया है। इसमें स्कूल के दो शिक्षक और अध्यापिकाओं को नियुक्त किया गया है। यह शिक्षक बच्चों को ट्रैक पर लाने के प्रयास करेंगे। शिक्षक डोलाराम शर्मा का कहना है कि छात्र लिखना भूल गए हैं और छात्रों में लापरवाही भी बहुत पाई गई है, जिसे सुधारने के लिए विशेष कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
क्या कहते हैं स्कूली छात्र
नौवीं कक्षा की छात्रा शालू का कहना है कि वैक्सीन की पहली डोज लगाकर वह काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन की अपेक्षा स्कूल आकर उत्साहित हूं। उन्होंने लोगों से भी वैक्सीन लगवाने की अपील की।
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इनसेट
छात्रा स्नेहा शुक्ला का कहना है कि उन्हें कोरोना के नाम से बहुत डर लग रहा था लेकिन जैसे ही उन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगी तो वे अपने को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग भी वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित कर सकते हैं।
इनसेट
सातवीं कक्षा के विशाल ने बताया कि उन्हें कोरोना महामारी और टीका लगवानेे से काफी डर लगता है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर वह वैक्सीन लगाने के लिए उत्साहित हैं। खुद की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है।
इनसेट
आठवीं कक्षा के सुमित का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनका डर भी कम हो गया है। अब वह बिना किसी डर के हर रोज स्कूल आकर अच्छे से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इनसेट
नौवीं कक्षा के नेमत राणा ने बताया कि वैक्सीन लगाकर वह अब सुरक्षित हैं। सरकार के इस अभियान में लोगों को हर संभव सहयोग देकर कोरोना महामारी को हराने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होेेंने अन्य लोगों से भी वैक्सीन लगवाने की अपील की है।
क्या कहते हैं कार्यवाहक प्रधानाचार्य
कुंगश स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य कृष्ण चंद का कहना है कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि कुंगश स्कूल के शिक्षकों ने कोरोनाकाल में बच्चों को पढ़ाने में काफी मेहनत की है। ऑनलाइन कक्षाओं में देखा गया है कि बच्चों में संस्कारों में कमी आई है और बचकाना हरकतें बढ़ी हैं। इसके लिए उन्होंने मार्गदर्शन एवं निर्देशन समिति का गठन किया है। इससे छात्रों की आदतों में सुधार हो रहा है।
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वैक्सीन लगवाने के बाद विद्यार्थियों ने माना की वजह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दो साल स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधित विकार सामने आएं हैं। कई विद्यार्थियों में चिड़चिड़ापन के लक्षण देखने गए हैं। वहीं आदतों में भी भिन्नता देखने को मिल रही है। इसको देखते हुए स्कूल प्रशासन ने मार्गदर्शन और निर्देशन समिति का गठन किया है। इसमें स्कूल के दो शिक्षक और अध्यापिकाओं को नियुक्त किया गया है। यह शिक्षक बच्चों को ट्रैक पर लाने के प्रयास करेंगे। शिक्षक डोलाराम शर्मा का कहना है कि छात्र लिखना भूल गए हैं और छात्रों में लापरवाही भी बहुत पाई गई है, जिसे सुधारने के लिए विशेष कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
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क्या कहते हैं स्कूली छात्र
नौवीं कक्षा की छात्रा शालू का कहना है कि वैक्सीन की पहली डोज लगाकर वह काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन की अपेक्षा स्कूल आकर उत्साहित हूं। उन्होंने लोगों से भी वैक्सीन लगवाने की अपील की।
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छात्रा स्नेहा शुक्ला का कहना है कि उन्हें कोरोना के नाम से बहुत डर लग रहा था लेकिन जैसे ही उन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगी तो वे अपने को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग भी वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित कर सकते हैं।
इनसेट
सातवीं कक्षा के विशाल ने बताया कि उन्हें कोरोना महामारी और टीका लगवानेे से काफी डर लगता है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर वह वैक्सीन लगाने के लिए उत्साहित हैं। खुद की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है।
इनसेट
आठवीं कक्षा के सुमित का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनका डर भी कम हो गया है। अब वह बिना किसी डर के हर रोज स्कूल आकर अच्छे से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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नौवीं कक्षा के नेमत राणा ने बताया कि वैक्सीन लगाकर वह अब सुरक्षित हैं। सरकार के इस अभियान में लोगों को हर संभव सहयोग देकर कोरोना महामारी को हराने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होेेंने अन्य लोगों से भी वैक्सीन लगवाने की अपील की है।
क्या कहते हैं कार्यवाहक प्रधानाचार्य
कुंगश स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य कृष्ण चंद का कहना है कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि कुंगश स्कूल के शिक्षकों ने कोरोनाकाल में बच्चों को पढ़ाने में काफी मेहनत की है। ऑनलाइन कक्षाओं में देखा गया है कि बच्चों में संस्कारों में कमी आई है और बचकाना हरकतें बढ़ी हैं। इसके लिए उन्होंने मार्गदर्शन एवं निर्देशन समिति का गठन किया है। इससे छात्रों की आदतों में सुधार हो रहा है।