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Rampur Bushahar News: चौपाल के कई खेतों में कम है मशीनों की हलचल, यहां बैल खींच रहे हल

Wed, 12 Feb 2025 11:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2025 11:17 PM IST
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Agriculture in Chaupal, Agriculture in Rohru, Shimla Agriculture Horticulture
बैल जोत कर फसल के लिए खेतों को तैयार कर रहे चौपाल के किसान
किसानों का कहना - बैलों से खेत जोतने भूमि होती है उपजाऊ, वातावरण भी प्रदूषित नहीं होता
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू) । आधुनिक युग में जहां लोग ट्रैक्टरों से खेतीबाड़ी कर रहे हैं, वहीं चौपाल और कुपवी के कई गांवों में आज भी किसान बैलों से खेत जोत रहे हैं। यहां के किसानों का मानना है कि बैलों से खेत जोतने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है। मेहनत अधिक रहती है, लेकिन फसलों की अच्छी पैदावार होती है। साथ ही पेट्रोल और डीजल के धुएं से वातावरण भी प्रदूषित नहीं होता है। उपमंडल चौपाल के धबास, सरांह, पुलबाहल और कुपवी उपमंडल के धोताली, मालत, आहनोग आदि क्षेत्रों में कई किसान आज भी बैल जोतकर फसलों की बिजाई करते हैं। तहसील कुपवी के ग्राम धोताली के किसान अनिल शर्मा, बलदेव और जीवन सिंह थापन ने कहा कि आजकल किसान अलग-अलग तरह की फसल की बिजाई में जुटे हुए हैं। पुराने जमाने से चली आ रही बैल की जोताई से खेतों को तैयार करने की प्रथा आज तक संजोकर रखे हुए हैं। उनका कहना है कि आज इस मशीनी दौर में बैल और हल के साथ खेतीबाड़ी कम हो गई है। खेत को हल से जोता जाए, तो भूमि अधिक उपजाऊ बनती है। हल से काफी गहरी खोदाई भी हो जाती है। इससे खाद और गोबर भी खरीदकर नहीं लाना पड़ेगा और न ही पशु लावारिस घूमेगा। मशीनों से खेतों की खोदाई करने से वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है, क्योंकि मशीनें धुएं और धूल को वातावरण में छोड़ती हैं। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है, क्योंकि मशीनें अधिक ध्वनि उत्पन्न करती हैं। किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है, क्योंकि मशीनें अधिक खर्चीली होती हैं।

हल जोतने से फसलों की बिजाई पर कृषि से अच्छी मिट्टी की तैयारी होती है, जिससे फसलों की बिजाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है। हल जोतने से मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है, जिससे फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। आज के मशीनी युग में अधिकतर लोग मशीनों से खोदाई कर रहे है। मशीनों से किसान कम समय में अधिक खेतों की खोदाई कर सकते है और फसलों की बिजाई कर सकते है। -लायक राम हेटा, कृषि विषयवाद विशेषज्ञ

बैल जोत कर फसल के लिए खेतों को तैयार कर रहे चौपाल के किसान

बैल जोत कर फसल के लिए खेतों को तैयार कर रहे चौपाल के किसान

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