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Rampur Bushahar News: सीमांत क्षेत्रों के बारे में जानेंगे मैदानी क्षेत्र के राज्यों के युवा
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विकसित वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारी। संवाद
रिकांगपिओ में विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 की तैयारी को लेकर हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम छह जून से शुरू होगा। इस कार्यक्रम के तहत मैदानी क्षेत्र के राज्यों से 100 युवा प्रतिभागी और विद्यार्थी किन्नौर आएंगे और सीमांत क्षेत्रों के बारे में जानेंगे। इसे लेकर सहायक उपायुक्त किन्नौर विपन कुमार ठाकुर ने विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 को लेकर बैठक की। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के समन्वय से आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दादर नगर हवेली के युवा भाग लेंगे। इनका भ्रमण 6 जून से 12 जून तक निर्धारित है। इन युवाओं को चयनित सीमावर्ती गांवों में भेजा जाएगा। वे वहां विभिन्न विकासात्मक, सांस्कृतिक और जन जागरूकता गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। सामुदायिक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिभागियों को स्थानीय बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी मिलवाया जाएगा। इससे वे गांवों के दैनिक जीवन, सामाजिक संरचना और स्थानीय चुनौतियों को समझ पाएंगे। साथ ही, वे इन क्षेत्रों की उपलब्धियों के विभिन्न पहलुओं से भी परिचित होंगे। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। यह युवाओं को इन क्षेत्रों की संस्कृति और जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय समुदायों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को जमीनी स्तर पर विकास कार्यों से परिचित करवाना भी है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कई विभाग सहयोग कर रहे हैं। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग इसमें अपनी भूमिका निभाएंगे। बैठक में वीरेंद्र सिंह, डिप्टी कमांडेंट, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस उपस्थित रहे। पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद थे। भ्रमण के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट विकसित वाइब्रेंट विलेज संस्था को सौंपी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम छह जून से शुरू होगा। इस कार्यक्रम के तहत मैदानी क्षेत्र के राज्यों से 100 युवा प्रतिभागी और विद्यार्थी किन्नौर आएंगे और सीमांत क्षेत्रों के बारे में जानेंगे। इसे लेकर सहायक उपायुक्त किन्नौर विपन कुमार ठाकुर ने विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 को लेकर बैठक की। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के समन्वय से आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दादर नगर हवेली के युवा भाग लेंगे। इनका भ्रमण 6 जून से 12 जून तक निर्धारित है। इन युवाओं को चयनित सीमावर्ती गांवों में भेजा जाएगा। वे वहां विभिन्न विकासात्मक, सांस्कृतिक और जन जागरूकता गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। सामुदायिक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिभागियों को स्थानीय बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी मिलवाया जाएगा। इससे वे गांवों के दैनिक जीवन, सामाजिक संरचना और स्थानीय चुनौतियों को समझ पाएंगे। साथ ही, वे इन क्षेत्रों की उपलब्धियों के विभिन्न पहलुओं से भी परिचित होंगे। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। यह युवाओं को इन क्षेत्रों की संस्कृति और जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय समुदायों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को जमीनी स्तर पर विकास कार्यों से परिचित करवाना भी है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कई विभाग सहयोग कर रहे हैं। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग इसमें अपनी भूमिका निभाएंगे। बैठक में वीरेंद्र सिंह, डिप्टी कमांडेंट, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस उपस्थित रहे। पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद थे। भ्रमण के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट विकसित वाइब्रेंट विलेज संस्था को सौंपी जाएगी।