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डकैती, हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
Updated Fri, 22 Jun 2018 07:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने डकैती और हत्या करने के आरोप में दोषी साबित होने पर शुक्रवार को दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों को 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
उप जिला न्यायवादी रामपुर कुलभूषण गौतम ने बताया कि विक्की राणा और राजू सिंह के खिलाफ ट्रक डकैती और ट्रक चालक महेंद्र की हत्या करने का अभियोग सिद्ध हुआ है। अदालत ने विक्की राणा, पुत्र भीम सिंह, निवासी शाटा खनी वार्ड नंबर 2, तहसील और जिला सुकेरट, आंचल बेरी नेपाल और राजू सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी, राना जिला सल्यान रावती आंचल नेपाल को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने भादंसं की धारा 396 के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर छह-छह माह की सजा, आईपीसी की धारा 120 बी के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह की अतिरिक्त सजा होगी।
उल्लेखनीय है कि 7 नवंबर 2013 को मनोज कुमार, पुत्र रामेश्वर दास, निवासी गांव और तहसील चिड़गांव, जिला शिमला ने थाना रामपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। बताया कि उसके भाई सुरेश चौहान का ट्रक नंबर एचपी 63-2194 था। ट्रक पर उसने महेंद्र सिंह पुत्र भाग सिंह, निवासी गांव और डाकघर मांदली, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला को चालक रखा था। 4 नवंबर 2013 को चालक ट्रक को रिपेयर करने भेजा था। चालक 6 नवंबर 2013 को कालाअंब से सरिया और प्लास्टिक की टंकियां लोड कर वापस चिड़गांव के लिए रवाना हुआ था। इसके बाद चालक वापस नहीं पहुंचा। इसके बाद तत्कालीन डीएसपी रोहड़ू राज कुमार चंदेल को अवगत करवाया। उन्होंने डीएसपी रामपुर सुनील नेगी को ट्रक के बारे में बताया। डीएसपी रामपुर ने एसएचओ रामपुर से नाका लगवाया। रामपुर पुलिस ने डकोलढ़ के पास नाके के दौरान ट्रक समेत पांच नेपाली दबोचे। इनमें विक्की राणा, राजू सिंह, काका, बॉबी और पिंकू नेपाल शामिल थे। पूछताछ के दौरान जब कोई संतोषजनक जवाब न मिला तो शक के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।
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सिरमौर के नाहन में झाड़ियों में मिला था शव
तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने आरोपी के बयान के आधार पर जिला सिरमौर में नाहन के दोसड़का जगह के पास ट्रक चालक के शव को सड़क से नीचे झाड़ियों से बरामद किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चालक की मृत्यु का कारण गला घोंटना पाया गया था। सभी ने मिलकर चालक को पत्थर और गला दबाकर मारा था। तीन नाबालिगों ने अदालत से गुहार लगाई कि वे कथित अपराध के दिन नाबालिग थे और उनका केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास चलाया जाए। कोर्ट ने मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड रामपुर को निपटारे हेतु भेजा है, जो चल रहा। मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने की। इस मामले में 15 गवाहों के बयान कलम बंद करवाए।
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रामपुर बुशहर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने डकैती और हत्या करने के आरोप में दोषी साबित होने पर शुक्रवार को दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों को 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
उप जिला न्यायवादी रामपुर कुलभूषण गौतम ने बताया कि विक्की राणा और राजू सिंह के खिलाफ ट्रक डकैती और ट्रक चालक महेंद्र की हत्या करने का अभियोग सिद्ध हुआ है। अदालत ने विक्की राणा, पुत्र भीम सिंह, निवासी शाटा खनी वार्ड नंबर 2, तहसील और जिला सुकेरट, आंचल बेरी नेपाल और राजू सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी, राना जिला सल्यान रावती आंचल नेपाल को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने भादंसं की धारा 396 के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर छह-छह माह की सजा, आईपीसी की धारा 120 बी के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह की अतिरिक्त सजा होगी।
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उल्लेखनीय है कि 7 नवंबर 2013 को मनोज कुमार, पुत्र रामेश्वर दास, निवासी गांव और तहसील चिड़गांव, जिला शिमला ने थाना रामपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। बताया कि उसके भाई सुरेश चौहान का ट्रक नंबर एचपी 63-2194 था। ट्रक पर उसने महेंद्र सिंह पुत्र भाग सिंह, निवासी गांव और डाकघर मांदली, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला को चालक रखा था। 4 नवंबर 2013 को चालक ट्रक को रिपेयर करने भेजा था। चालक 6 नवंबर 2013 को कालाअंब से सरिया और प्लास्टिक की टंकियां लोड कर वापस चिड़गांव के लिए रवाना हुआ था। इसके बाद चालक वापस नहीं पहुंचा। इसके बाद तत्कालीन डीएसपी रोहड़ू राज कुमार चंदेल को अवगत करवाया। उन्होंने डीएसपी रामपुर सुनील नेगी को ट्रक के बारे में बताया। डीएसपी रामपुर ने एसएचओ रामपुर से नाका लगवाया। रामपुर पुलिस ने डकोलढ़ के पास नाके के दौरान ट्रक समेत पांच नेपाली दबोचे। इनमें विक्की राणा, राजू सिंह, काका, बॉबी और पिंकू नेपाल शामिल थे। पूछताछ के दौरान जब कोई संतोषजनक जवाब न मिला तो शक के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।
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सिरमौर के नाहन में झाड़ियों में मिला था शव
तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने आरोपी के बयान के आधार पर जिला सिरमौर में नाहन के दोसड़का जगह के पास ट्रक चालक के शव को सड़क से नीचे झाड़ियों से बरामद किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चालक की मृत्यु का कारण गला घोंटना पाया गया था। सभी ने मिलकर चालक को पत्थर और गला दबाकर मारा था। तीन नाबालिगों ने अदालत से गुहार लगाई कि वे कथित अपराध के दिन नाबालिग थे और उनका केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास चलाया जाए। कोर्ट ने मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड रामपुर को निपटारे हेतु भेजा है, जो चल रहा। मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने की। इस मामले में 15 गवाहों के बयान कलम बंद करवाए।