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उपमंडल के 5 दर्जन से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार

Tue, 17 Jul 2018 09:12 PM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 09:12 PM IST
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रामपुर वृत्त में 27 बच्चे कुपोषण का शिकार
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उपमंडल के पांच दर्जन से अधिक बच्चे कुपोषण की चपेट में
कुपोषण के शिकार बच्चों में रहती है लंबाई, वजन की कमी
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में तहत आने वाले विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पांच दर्जन से अधिक बच्चे कुपोषण से ग्रसित हैं। लंबाई और भार में कमी होने के कारण इन बच्चों का शारीरिक विकास पूरी तरह से नहीं हो रहा है। हालांकि बाल विकास परियोजना और स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। बच्चों को सरकार की ओर से प्रायोजित योजनाओं के तहत पोषक आहार और दवाएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं, लेकिन फिर भी 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे कुपोषण का शिकार बन रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रामपुर उपमंडल के सात वृत्तों 253 आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से 0 से 5 वर्ष तक के कुल 3896 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिसमें पोषाहार, स्वास्थ्य जांच और बच्चों का टीकाकरण समय समय पर किया जाता है। बावजूद इसके सात वृत्तों के 64 बच्चे कुपोषण से ग्रसित हैं। आंगनबाड़ी वृत्त रामपुर में सबसे अधिक 27 बच्चे कुपोषित हैं, जबकि गानवीं वृत्त में 7, ज्यूरी में 5, सराहन में 4, गोपालपुर में 4, डंसा में 5, बरकल में 7, तकलेच में 2 और बाहली वृत्त में 3 बच्चे कुपोषण से ग्रसित हैं। बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिमाह पांच वर्ष तक के बच्चों का भार और उनके पोषाहार स्तर/कुपोषण स्तर का अनुश्रवण किया जा रहा है।
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इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी रामपुर अजय बदरेल ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में हर माह शिशुओं की जांच की जाती है। इस दौरान उनकी लंबाई और भार संबंधी जांच आयु वर्ग के मुताबिक की जाती है। कुपोषित शिशुओं को यथा संभव डाइट और अस्पताल में जांच करवाई जा रही है। जल्द ही रामपुर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को डिजिटलाइज किया जाएगा। केंद्रों में टैबलेट और मोबाइल उपलब्ध करवाए जाएंगे और इन उपकरणों के माध्यम से शिशु का भार और लंबाई से जुड़े आंकड़ों को ऑनलाइन किया जाएगा।
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