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आटोमेटिक तरीके से जल्द तैयार होगी बिजली
Updated Tue, 22 May 2018 09:34 PM IST
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रामपुर बुशहर।
सतलुज जल विद्युत निगम के 412 मेगावाट क्षमता के रामपुर प्रोजेक्ट में आटोमेटिक प्रणाली से बिजली उत्पादन किया जाएगा। बिजली उत्पादन में उपयोग की जा रही नई विकसित प्रणाली का एनजेपीसी पेटेंट भी करवाएगा। रामपुर बिजली प्रोजेक्ट में स्वयं संचालित प्रणाली से बिजली पैदा कर प्रोजेक्ट से दस फीसदी स्टाफ की कमी की जा सकेगी। इस स्टाफ का उपयोग निगम के अन्य प्रोजेक्टों में प्रयोग किया जाएगा। एक साल के भीतर इस आधुनिक तकनीक का पेटेंट करा दिया जाएगा।
रामपुर प्रोजेक्ट में 412 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई गई, ताकि बिजली उत्पादन करने में श्रम शक्ति का इस्तेमाल न करना पड़े। प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन के लिए आटोमेटिक तकनीक अपनाई गई है। वर्तमान में बिजली उत्पादन स्वयं संचालित तरीके से किया जा रहा है। अभी प्रोजेक्ट में सिर्फ सतलुज नदी के जल स्तर पर नजर रखने के लिए श्रम शक्ति का इस्तेमाल हो रहा है। यह जल स्तर कम ज्यादा करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जल स्तर और गाद की मात्रा पर नजर रखी जाती है। सतलुज नदी के जल स्तर और गाद पर आटोमेटिक प्रणाली उपयोग में लाई जा सकेगी। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह आटोमेटिक कर दिया जाएगा। इसके बाद यह अपने किस्म का पहला पन बिजली प्रोजेक्ट होगा।
अन्य उपकरण भी होंगे उपयोग : सुरेश
रामपुर बिजली प्रोजेक्ट प्रमुख सुरेश ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में आटोमेटिक तकनीक से प्रोजेक्ट में बिजली तैयार की जा रही है। कुछ अन्य उपकरणों का उपयोग बिजली प्रोजेक्टों में किया जाना है। इसके बाद बिजली उत्पादन आटोमेटिक कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में उपयोग तकनीक का एक साल के भीतर पेटेंट करा दिया जाएगा, ताकि इसका फायदा प्रोजेक्ट और निगम को सीधे हो। प्रोजेक्ट में दस फीसदी कर्मचारियों की कटौती भी की जा सकेगी।
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सतलुज जल विद्युत निगम के 412 मेगावाट क्षमता के रामपुर प्रोजेक्ट में आटोमेटिक प्रणाली से बिजली उत्पादन किया जाएगा। बिजली उत्पादन में उपयोग की जा रही नई विकसित प्रणाली का एनजेपीसी पेटेंट भी करवाएगा। रामपुर बिजली प्रोजेक्ट में स्वयं संचालित प्रणाली से बिजली पैदा कर प्रोजेक्ट से दस फीसदी स्टाफ की कमी की जा सकेगी। इस स्टाफ का उपयोग निगम के अन्य प्रोजेक्टों में प्रयोग किया जाएगा। एक साल के भीतर इस आधुनिक तकनीक का पेटेंट करा दिया जाएगा।
रामपुर प्रोजेक्ट में 412 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई गई, ताकि बिजली उत्पादन करने में श्रम शक्ति का इस्तेमाल न करना पड़े। प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन के लिए आटोमेटिक तकनीक अपनाई गई है। वर्तमान में बिजली उत्पादन स्वयं संचालित तरीके से किया जा रहा है। अभी प्रोजेक्ट में सिर्फ सतलुज नदी के जल स्तर पर नजर रखने के लिए श्रम शक्ति का इस्तेमाल हो रहा है। यह जल स्तर कम ज्यादा करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जल स्तर और गाद की मात्रा पर नजर रखी जाती है। सतलुज नदी के जल स्तर और गाद पर आटोमेटिक प्रणाली उपयोग में लाई जा सकेगी। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह आटोमेटिक कर दिया जाएगा। इसके बाद यह अपने किस्म का पहला पन बिजली प्रोजेक्ट होगा।
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अन्य उपकरण भी होंगे उपयोग : सुरेश
रामपुर बिजली प्रोजेक्ट प्रमुख सुरेश ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में आटोमेटिक तकनीक से प्रोजेक्ट में बिजली तैयार की जा रही है। कुछ अन्य उपकरणों का उपयोग बिजली प्रोजेक्टों में किया जाना है। इसके बाद बिजली उत्पादन आटोमेटिक कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में उपयोग तकनीक का एक साल के भीतर पेटेंट करा दिया जाएगा, ताकि इसका फायदा प्रोजेक्ट और निगम को सीधे हो। प्रोजेक्ट में दस फीसदी कर्मचारियों की कटौती भी की जा सकेगी।
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