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स्मारिका का विमोचन नहीं कर सके राज्यपाल
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:00 PM IST
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रामपुर बुशहर। जिला प्रशासन और अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला आयोजन कमेटी की लापरवाही से इस वर्ष रामपुर लवी मेले की स्मारिका समय पर नहीं छप सकी। ऐसे में राज्यपाल आचार्य देवव्रत मेले के शुभारंभ पर स्मारिका का विमोचन नहीं कर सके। लाखों रुपये खर्च कर अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले से संबंधित स्मारिका का विमोचन शुभारंभ मौके पर हर वर्ष राज्यपाल करते रहे हैं। लेकिन इस बार अभी तक लवी की स्मारिका रामपुर की एक प्रिंटिंग प्रेस में छपाई के लिए बाट जोह रही है।
लवी खत्म होने के बाद स्मारिका के प्रकाशन का क्या औचित्य है। यह बात जिला प्रशासन और मेला कमेटी के अफसर नहीं समझे। अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले के शुभारंभ पर पिछले कई सालों से स्मारिका का विमोचन राज्यपाल करते थे। इस दौरान मौजूद सभी अधिकारियों, विभागाध्यक्षों सहित मीडिया को भी स्मारिका की प्रतियां भेंट की जाती थी। इस स्मारिका में अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी और अन्य सूचनाएं उपलब्ध रहती हैं। स्मारिका के प्रकाशन को लेकर कई दिनों पहले प्रिंटिंग प्रेस मालिकों से निविदाएं आमंत्रित कर छपाई का काम प्रेस को दे दिया गया था। लेकिन पूरी छपाई सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई गई। मेला कमेटी ने नवंबर पहले हफ्ते में रामपुर के अधिकांश दुकानदारों से विज्ञापन की राशि वसूल ली थी। यह राशि वसूलने के साथ दुकानदारों को रसीदें भी दी गई, ताकि उनके संस्थान का विज्ञापन स्मारिका में समय पर प्रकाशित किया जा सके।
1500 रुपये देने वालों को ही दी रसीदें
कई दुकानदारों से 500-500 रुपये की राशि तो वसूली गई। लेकिन रसीद में न तो दुकानदारों का नाम लिखा गया और न ही संस्थान का पता। पहले भी लवी को लेकर दुकानदारों से राशि वसूली जाती थी और रसीद में नाम, पता और राशि अंकित रहती थी, जिससे स्मारिका के प्रकाशन के दौरान विज्ञापन देने वाले प्रत्येक दुकानदार का विज्ञापन प्रकाशित किया जा सके। 1500 रुपये से अधिक राशि देने वाले विज्ञापन दाताओं को ही रसीद दी गई। जब यह राशि समय पर वसूल ली गई थी तो स्मारिका को छपाने में विलंब क्यों किया गया, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
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विज्ञापन सामग्री न आने से देरी : उपायुक्त
उपायुक्त शिमला और लवी मेला कमेटी अध्यक्ष रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि लवी मेले की स्मारिका अभी तक प्रकाशित नहीं हो पाई है, जिससे राज्यपाल आचार्य देवव्रत मेले के शुभारंभ पर विमोचन नहीं कर पाए। विज्ञापन सामग्री न आने से स्मारिका के प्रकाशन में देरी हुई है।
कुछ दिनों में होगा प्रकाशन : एसडीएम
मेला कमेटी सचिव और एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल कहते हैं कि कुछ दिनों में लवी मेले की स्मारिका का प्रकाशन कर दिया जाएगा। यह स्मारिका संबंधित लोगों और विभागाध्यक्षों तक पहुंचा दी जाएगी।
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लवी खत्म होने के बाद स्मारिका के प्रकाशन का क्या औचित्य है। यह बात जिला प्रशासन और मेला कमेटी के अफसर नहीं समझे। अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले के शुभारंभ पर पिछले कई सालों से स्मारिका का विमोचन राज्यपाल करते थे। इस दौरान मौजूद सभी अधिकारियों, विभागाध्यक्षों सहित मीडिया को भी स्मारिका की प्रतियां भेंट की जाती थी। इस स्मारिका में अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी और अन्य सूचनाएं उपलब्ध रहती हैं। स्मारिका के प्रकाशन को लेकर कई दिनों पहले प्रिंटिंग प्रेस मालिकों से निविदाएं आमंत्रित कर छपाई का काम प्रेस को दे दिया गया था। लेकिन पूरी छपाई सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई गई। मेला कमेटी ने नवंबर पहले हफ्ते में रामपुर के अधिकांश दुकानदारों से विज्ञापन की राशि वसूल ली थी। यह राशि वसूलने के साथ दुकानदारों को रसीदें भी दी गई, ताकि उनके संस्थान का विज्ञापन स्मारिका में समय पर प्रकाशित किया जा सके।
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1500 रुपये देने वालों को ही दी रसीदें
कई दुकानदारों से 500-500 रुपये की राशि तो वसूली गई। लेकिन रसीद में न तो दुकानदारों का नाम लिखा गया और न ही संस्थान का पता। पहले भी लवी को लेकर दुकानदारों से राशि वसूली जाती थी और रसीद में नाम, पता और राशि अंकित रहती थी, जिससे स्मारिका के प्रकाशन के दौरान विज्ञापन देने वाले प्रत्येक दुकानदार का विज्ञापन प्रकाशित किया जा सके। 1500 रुपये से अधिक राशि देने वाले विज्ञापन दाताओं को ही रसीद दी गई। जब यह राशि समय पर वसूल ली गई थी तो स्मारिका को छपाने में विलंब क्यों किया गया, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
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विज्ञापन सामग्री न आने से देरी : उपायुक्त
उपायुक्त शिमला और लवी मेला कमेटी अध्यक्ष रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि लवी मेले की स्मारिका अभी तक प्रकाशित नहीं हो पाई है, जिससे राज्यपाल आचार्य देवव्रत मेले के शुभारंभ पर विमोचन नहीं कर पाए। विज्ञापन सामग्री न आने से स्मारिका के प्रकाशन में देरी हुई है।
कुछ दिनों में होगा प्रकाशन : एसडीएम
मेला कमेटी सचिव और एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल कहते हैं कि कुछ दिनों में लवी मेले की स्मारिका का प्रकाशन कर दिया जाएगा। यह स्मारिका संबंधित लोगों और विभागाध्यक्षों तक पहुंचा दी जाएगी।