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अनुपूरक पेपर मामले की जांच लटकी
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
पलेही पंचायत की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तांदी में अध्यापक की ओर से बोर्ड की अनुपूरक परीक्षा के प्रश्नपत्र खुद तैयार कर परीक्षा करवाने के मामले में शिक्षा विभाग की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें लापरवाही बरतने पर अभिभावकों और शिकायतकर्ताओं में रोष है। पलेही पंचायत प्रधान लाल सिंह ने प्रेस बयान में शिक्षा विभाग पर राजनीतिक दबाव में मामले की जांच में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है।
पूर्व में एसएमसी प्रधान रहे संसार सिंह चौहान और पलेही पंचायत प्रधान लाल सिंह ठाकुर ने अक्तूबर 2016 में शिक्षा निदेशक सहित शिक्षा उपनिदेशक और उच्चाधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा था। इसमें कहा था कि सितंबर 2016 में तांदी स्कूल में हुई अनुपूरक परीक्षा में जीव विज्ञान के अध्यापक की ओर से बोर्ड को डिमांड भेजकर प्रश्नपत्र मंगवाने के बजाय खुद ही तैयार कर परीक्षा करवा दी गई। उनकी शिकायत पर जांच हुई और रिपोर्ट तैयार की गई। रिपोर्ट उच्च शिक्षा निदेशक तक पहुंच भी गई है, लेकिन डेढ़ वर्ष का समय बीतने पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
...
कई बार हुए तबादले और हर बार हुए रद्द
पंचायत प्रधान लाल सिंह ठाकुर का कहना है कि एसएमसी और अभिभावकों ने अध्यापक के तबादले की मांग की। 4-5 बार तबादला हुआ भी, लेकिन राजनीतिक दबाव और अन्य कारणों के चलते विधायक ने तबादला रुकवाने के डीओ नोट जारी कर दिए। अब न जांच हो रही है और न ही तबादला किया जा रहा है। लोगों में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। उन्होंने शिक्षा निदेशक से जांच जल्द पूरी करने का आग्रह किया। शिक्षा उपनिदेशालय कुल्लू के अधीक्षक नवीन कुमार ने कहा कि शिकायत मिली थी और विभाग ने विभागीय नियमों के अनुसार जांच करवाई थी जिसकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेज दी गई है।
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आनी (कुल्लू)।
पलेही पंचायत की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तांदी में अध्यापक की ओर से बोर्ड की अनुपूरक परीक्षा के प्रश्नपत्र खुद तैयार कर परीक्षा करवाने के मामले में शिक्षा विभाग की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इसमें लापरवाही बरतने पर अभिभावकों और शिकायतकर्ताओं में रोष है। पलेही पंचायत प्रधान लाल सिंह ने प्रेस बयान में शिक्षा विभाग पर राजनीतिक दबाव में मामले की जांच में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है।
पूर्व में एसएमसी प्रधान रहे संसार सिंह चौहान और पलेही पंचायत प्रधान लाल सिंह ठाकुर ने अक्तूबर 2016 में शिक्षा निदेशक सहित शिक्षा उपनिदेशक और उच्चाधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा था। इसमें कहा था कि सितंबर 2016 में तांदी स्कूल में हुई अनुपूरक परीक्षा में जीव विज्ञान के अध्यापक की ओर से बोर्ड को डिमांड भेजकर प्रश्नपत्र मंगवाने के बजाय खुद ही तैयार कर परीक्षा करवा दी गई। उनकी शिकायत पर जांच हुई और रिपोर्ट तैयार की गई। रिपोर्ट उच्च शिक्षा निदेशक तक पहुंच भी गई है, लेकिन डेढ़ वर्ष का समय बीतने पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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कई बार हुए तबादले और हर बार हुए रद्द
पंचायत प्रधान लाल सिंह ठाकुर का कहना है कि एसएमसी और अभिभावकों ने अध्यापक के तबादले की मांग की। 4-5 बार तबादला हुआ भी, लेकिन राजनीतिक दबाव और अन्य कारणों के चलते विधायक ने तबादला रुकवाने के डीओ नोट जारी कर दिए। अब न जांच हो रही है और न ही तबादला किया जा रहा है। लोगों में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। उन्होंने शिक्षा निदेशक से जांच जल्द पूरी करने का आग्रह किया। शिक्षा उपनिदेशालय कुल्लू के अधीक्षक नवीन कुमार ने कहा कि शिकायत मिली थी और विभाग ने विभागीय नियमों के अनुसार जांच करवाई थी जिसकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेज दी गई है।
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