{"_id":"5ba66b6c867a557eb715cb02","slug":"31537633132-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में चरमराई स्वास्थ्य सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में चरमराई स्वास्थ्य सुविधा
Updated Sat, 22 Sep 2018 09:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिकांगपिओ में स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार
आधा दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पड़े पद
एंबुलेंस सेवा का भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। रिकांगपिओ स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी हालत बद्तर बनी हुई है। डॉक्टरों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। ऐेसे में लोगों को इलाज करवाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की कमी जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के लोगों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में रोजाना काफी संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर न मिलने के कारण निजी क्लिनिकों में जाने या फिर रामपुर और शिमला जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
अस्पताल में 15 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें मेडिकल स्पेशलिस्ट, ऑर्थो, एनेस्थीसिया, नेत्र रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट के पद काफी समय से रिक्त पड़े हैं। डॉक्टरों की कमी होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों के अनुसार कुछ माह पूर्व अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के आदेश भी हुए थे, लेकिन आज दिन तक पद खाली पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
उधर, सीएमओ किन्नौर पद्म नेगी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते रिकांगपिओ अस्पताल में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर इसके बारे में सूचित किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अस्पताल में जल्द चिकित्सकों की तैनाती होगी।
विज्ञापन
आधा दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पड़े पद
एंबुलेंस सेवा का भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। रिकांगपिओ स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी हालत बद्तर बनी हुई है। डॉक्टरों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। ऐेसे में लोगों को इलाज करवाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की कमी जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के लोगों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में रोजाना काफी संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर न मिलने के कारण निजी क्लिनिकों में जाने या फिर रामपुर और शिमला जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल में 15 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें मेडिकल स्पेशलिस्ट, ऑर्थो, एनेस्थीसिया, नेत्र रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट के पद काफी समय से रिक्त पड़े हैं। डॉक्टरों की कमी होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों के अनुसार कुछ माह पूर्व अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के आदेश भी हुए थे, लेकिन आज दिन तक पद खाली पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
उधर, सीएमओ किन्नौर पद्म नेगी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते रिकांगपिओ अस्पताल में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर इसके बारे में सूचित किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अस्पताल में जल्द चिकित्सकों की तैनाती होगी।