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बादल फटने पर मची अफरातफरी, बचाव के लिए भागे लोग
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:01 PM IST
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बादल फटने से नुकसान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रामपुर बुशहर। रामपुर खंड की तकलेच पंचायत के पटला में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद क्षेत्र के लोगों में अफरातफरी मच गई। क्षेत्र में मंगलवार सुबह सवा सात बजे जब अचानक बादल फटने की जोरदार आवाज हुई तो दरशाल और मतैलनी गांव के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण बचाव के लिए इधर-उधर भागने लगे। बाढ़ की चपेट में क्षेत्र की पेयजल लाइनें, हैंडपंप और बिजली के पोल भी आए हैं, जिस कारण दोनों गांव में बिजली और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।
गनीमत रही कि जिस स्थान पर बादल फटा, वहां समतल मैदान था। बादल फटने से आई बाढ़ का पानी तीन तरफ चला गया। बाढ़ का पानी पटला नाला, दरशाल और मतैलनी गांव के नाले में बंट गया, जिसने नुकसान को कम कर दिया। किसानों, बागवानों की दर्जनों बीघा जमीन बाढ़ के पानी की चपेट में आई है। यदि इस बाढ़ के पानी का बहाव दरशाल या फिर मतैलनी गांव की ओर होता तो यहां बड़ा हादसा हो सकता था। बाढ़ से हुए भूस्खलन के चलते दर्जनों बीघा जमीन पर बने खेतों में पूरी तरह से मलबा ही मलबा भर गया है, जिस कारण अब किसानों को खेती करने में मुश्किल होगी। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नालों के नजदीक रहने वाले लोगों को आगाह किया है कि वे नालों के करीब न जाएं। इसके अलावा लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों से नाले के करीब न जाने के लिए कहा गया है। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
-नरेंद्र चौहान,
एसडीएम रामपुर
सैकड़ों फलदार पौधे आए चपेट में
बादल फटने से आई बाढ़ में अनार, मौसमी, सेब, खुमानी, किन्नू सहित अन्य सैकड़ों फलदार पौधे चपेट में आ गए हैं। मतैलनी गांव के तारा चंद का शौचालय, बाथरूम, एक कमरा और गौशाला भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसमें गाय भी थी। दरशाल गांव के दया राम की गौशाला, मतैलनी गांव के परमा नंद और जय सिंह का सेप्टिक टैंक क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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गनीमत रही कि जिस स्थान पर बादल फटा, वहां समतल मैदान था। बादल फटने से आई बाढ़ का पानी तीन तरफ चला गया। बाढ़ का पानी पटला नाला, दरशाल और मतैलनी गांव के नाले में बंट गया, जिसने नुकसान को कम कर दिया। किसानों, बागवानों की दर्जनों बीघा जमीन बाढ़ के पानी की चपेट में आई है। यदि इस बाढ़ के पानी का बहाव दरशाल या फिर मतैलनी गांव की ओर होता तो यहां बड़ा हादसा हो सकता था। बाढ़ से हुए भूस्खलन के चलते दर्जनों बीघा जमीन पर बने खेतों में पूरी तरह से मलबा ही मलबा भर गया है, जिस कारण अब किसानों को खेती करने में मुश्किल होगी। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नालों के नजदीक रहने वाले लोगों को आगाह किया है कि वे नालों के करीब न जाएं। इसके अलावा लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों से नाले के करीब न जाने के लिए कहा गया है। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
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-नरेंद्र चौहान,
एसडीएम रामपुर
सैकड़ों फलदार पौधे आए चपेट में
बादल फटने से आई बाढ़ में अनार, मौसमी, सेब, खुमानी, किन्नू सहित अन्य सैकड़ों फलदार पौधे चपेट में आ गए हैं। मतैलनी गांव के तारा चंद का शौचालय, बाथरूम, एक कमरा और गौशाला भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसमें गाय भी थी। दरशाल गांव के दया राम की गौशाला, मतैलनी गांव के परमा नंद और जय सिंह का सेप्टिक टैंक क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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