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किन्नौर के 2603 विद्यार्थियों मिलेगी निशुल्क पुस्तकें
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किन्नौर में शिक्षा ग्रहण कर रहे 2603 विद्यार्थियों को समग्र शिक्षा के तहत नवीं और दसवीं कक्षा के व
- फोटो : RAMPUR-HP
रिकांगपिओ(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के विभिन्न विद्यालयों में नौवीं और दसवीं कक्षा के 2603 विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें मिलेंगी। शनिवार को विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान की किताबें वितरित की गई। विद्यार्थियों में शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए समग्र शिक्षा के तहत पुस्तकें बांटी गई।
रिकांगपिओ डाइट के प्रधानाचार्य कुलदीप नेगी ने कहा कि पिछले मार्च 2020 से कोरोना वायरस महामारी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पाई थी। ऐसे में सरकार ने समग्र शिक्षा के तहत हर घर पाठशाला के माध्यम से पूरे प्रदेश में विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने का बीड़ा उठाया है।
मगर हर घर पाठशाला के तहत ऑनलाइन पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई चुनौतियां भी सामने आ रही है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में टेलीफोन नेटवर्क की सुविधा नहीं होने से बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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इसको देखते हुए जिले में जिला प्रोजेक्ट अधिकारी के माध्यम से नेटवर्क की जांच पड़ताल शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसमें पाया गया कि हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के भरमौर में नेटवर्क नहीं होने से बच्चें ऑनलाइन शिक्षा से महरूम है।
इसके कारण शिक्षा मंत्री और वीरेंद्र शर्मा राज्य परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा ने निर्णय लिया कि इन क्षेत्रों में सभी नौवीं और दसवीं के बच्चों को मैथ और साइंस की किताबें समग्र शिक्षा के तहत मुफ्त में वितरित की जाएंगी।
किन्नौर जिले में समग्र शिक्षा नीति के तहत 565935 रुपये की लागत से 2603 विद्यार्थियों पुस्तकें वितरित की जा रही हैं। इस मौके पर डाइट के उपप्रधानाचार्य छेरिंग जनगचुक नेगी, शिक्षक यशवंत सिंह नेगी और राजकपूर के अलावा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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रिकांगपिओ डाइट के प्रधानाचार्य कुलदीप नेगी ने कहा कि पिछले मार्च 2020 से कोरोना वायरस महामारी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पाई थी। ऐसे में सरकार ने समग्र शिक्षा के तहत हर घर पाठशाला के माध्यम से पूरे प्रदेश में विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने का बीड़ा उठाया है।
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मगर हर घर पाठशाला के तहत ऑनलाइन पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई चुनौतियां भी सामने आ रही है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में टेलीफोन नेटवर्क की सुविधा नहीं होने से बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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इसको देखते हुए जिले में जिला प्रोजेक्ट अधिकारी के माध्यम से नेटवर्क की जांच पड़ताल शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसमें पाया गया कि हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के भरमौर में नेटवर्क नहीं होने से बच्चें ऑनलाइन शिक्षा से महरूम है।
इसके कारण शिक्षा मंत्री और वीरेंद्र शर्मा राज्य परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा ने निर्णय लिया कि इन क्षेत्रों में सभी नौवीं और दसवीं के बच्चों को मैथ और साइंस की किताबें समग्र शिक्षा के तहत मुफ्त में वितरित की जाएंगी।
किन्नौर जिले में समग्र शिक्षा नीति के तहत 565935 रुपये की लागत से 2603 विद्यार्थियों पुस्तकें वितरित की जा रही हैं। इस मौके पर डाइट के उपप्रधानाचार्य छेरिंग जनगचुक नेगी, शिक्षक यशवंत सिंह नेगी और राजकपूर के अलावा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।