{"_id":"5a2fd8864f1c1ba12d8b827b","slug":"191513085062-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारकंडा ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारकंडा ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर
Updated Tue, 12 Dec 2017 07:06 PM IST
विज्ञापन
snowfall
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुमारसैन/रामपुर/डंसा। पर्यटन नगरी नारकंडा में मंगलवार को सर्दी का पहला हिमपात होने से समूचा क्षेत्र शीत लहर की चपेट में आ गया है। नारकंडा मंगलवार को बर्फ की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे किसानों, बागवानों ने अब राहत की सांस ली है। मौसम के बदले मिजाज से अपर शिमला में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। इसके अलावा बर्फबारी के चलते रामपुर से रोहड़ू जाने वाले वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। बाहली के पास मार्ग बाधित होने से वाहनों की रफ्तार थम गई।
निचले इलाकों में बारिश हुई। नारकंडा में हिमपात होने से स्कीइंग स्लोप धोमड़ी में इस बार जल्द ही स्कीइंग होने की आस जगी है। बर्फबारी के बाद नारकंडा में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। नारकंडा में इस सर्दी का यह पहला हिमपात है। हालांकि इस हिमपात से यातायात पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा है। बारिश नहीं होने से सेब के पौधों में कैंकर रोग का भी खतरा पैदा हो रहा था। बगीचों में भी सूखे के कारण तौलिये बनाने का काम प्रभावित हो रहा था। ऐसे में यह बारिश और हिमपात किसी वरदान से कम नहीं। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिन में बाजार सूना-सूना नजर आया। क्षेत्र के लोग लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे थे। रामपुर उपमंडल के डंसा क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, बंसी लाल, सब्या साची, दिनेश, सुंदर सिंह, लायक राम, छतर कायथ, मोहन नेगी, कमल चाई, गोविंद कायथ आदि ने कहा कि दिसंबर माह में हुई बारिश और बर्फबारी सेब और अन्य फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। अब बागवान अपने बगीचों में काट छांट, तौलिये सहित अन्य कार्य कर सकेंगे। उधर, एचआरटीसी रामपुर के आरएम जगरनाथ ने कहा कि रामपुर से रोहड़ू की ओर निगम की बसों को नहीं भेजा जा रहा, जबकि अन्य सभी ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है। परिवहन निगम मौसम और सड़कों की हालत को देखकर ही बसों को रूट पर भेजेेगा।
विज्ञापन
निचले इलाकों में बारिश हुई। नारकंडा में हिमपात होने से स्कीइंग स्लोप धोमड़ी में इस बार जल्द ही स्कीइंग होने की आस जगी है। बर्फबारी के बाद नारकंडा में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। नारकंडा में इस सर्दी का यह पहला हिमपात है। हालांकि इस हिमपात से यातायात पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा है। बारिश नहीं होने से सेब के पौधों में कैंकर रोग का भी खतरा पैदा हो रहा था। बगीचों में भी सूखे के कारण तौलिये बनाने का काम प्रभावित हो रहा था। ऐसे में यह बारिश और हिमपात किसी वरदान से कम नहीं। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिन में बाजार सूना-सूना नजर आया। क्षेत्र के लोग लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे थे। रामपुर उपमंडल के डंसा क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, बंसी लाल, सब्या साची, दिनेश, सुंदर सिंह, लायक राम, छतर कायथ, मोहन नेगी, कमल चाई, गोविंद कायथ आदि ने कहा कि दिसंबर माह में हुई बारिश और बर्फबारी सेब और अन्य फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। अब बागवान अपने बगीचों में काट छांट, तौलिये सहित अन्य कार्य कर सकेंगे। उधर, एचआरटीसी रामपुर के आरएम जगरनाथ ने कहा कि रामपुर से रोहड़ू की ओर निगम की बसों को नहीं भेजा जा रहा, जबकि अन्य सभी ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है। परिवहन निगम मौसम और सड़कों की हालत को देखकर ही बसों को रूट पर भेजेेगा।
विज्ञापन