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किन्नौर महोत्सव में चिलगोजा के दाम बढ़े
Updated Tue, 31 Oct 2017 07:18 PM IST
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इस बार चिलगोजा हुआ महंगा
किन्नौर महोत्सव में 2000 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा
ड्राई फूट के दामों में हुई अधिक बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर महोत्सव में पेट्रोल पंप से लेकर मुख्य बाजार समेत एचडीएफसी बैंक तक दुकानें लगी है।ं दुकानदार दौलत राम नेगी, मालनर नेगी, उषा नेगी, यांकित नेगी ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार ड्राई फ्रूट के मूल्यों में इजाफा हुआ है। इस वर्ष कागजी अखरोट की कीमत 300 से 500 रुपये प्रति किलो है, जबकि बीते वर्ष यह दाम 300 से 400 रहा। चिलगोजा इस वर्ष 1800 से 2000 रुपये रहा, जबकि बीते वर्ष हजार से 1500 रुपये बिका।
बादाम 1000 से 1200 रुपये बिक रहा। बीते वर्ष इसके दाम 900 रुपये तक थे। खुमानी 250 से 500 रुपये तक है। बीते वर्ष यह 400 रुपये तक ही बिका था। राजमाह के दाम पिछले साल 108 से 190 रुपये और इस समय 150 से 200 रुपये प्रति किलो रहा। चुली का तेल 500 से 800 रुपये किलो बिक रहा। बीते वर्ष इसके दाम 700 तक रहे। लोकल गिरी का मूल्य 500 रुपये और बीते वर्ष यह दाम 400 रुपये रहा। विभिन्न तरह की खाद्य सामग्री, खिलौने, व्यंजन, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला, मिक्की माउस मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं। महोत्सव में किन्नौरी मार्केट आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां पर स्थानीय वस्तुएं, खाद्य पदार्थ, चोली, पट्टू, दोडू, पट्टियां टोपी, शॉल, गिरी, काला जीरा, किन्नौरी धूप, बादाम, खुमानी, नाशपाती, अखरोट, घी, चुली तेल और हथकरदा की वस्तुएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। स्थानीय के अलावा बाहर से आए लोगों ने मेले में पहले दिन जमकर खरीदारी की। विकास खंड कल्पा पार्वती स्वयं सहायता समूह दूनी के सचिव कविता नेगी ने बताया कि पट्टू, दोडू,पट्टियां तैयार करने में बहुत ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इनकी कीमत दो हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक है।
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किन्नौर महोत्सव में 2000 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा
ड्राई फूट के दामों में हुई अधिक बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर महोत्सव में पेट्रोल पंप से लेकर मुख्य बाजार समेत एचडीएफसी बैंक तक दुकानें लगी है।ं दुकानदार दौलत राम नेगी, मालनर नेगी, उषा नेगी, यांकित नेगी ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार ड्राई फ्रूट के मूल्यों में इजाफा हुआ है। इस वर्ष कागजी अखरोट की कीमत 300 से 500 रुपये प्रति किलो है, जबकि बीते वर्ष यह दाम 300 से 400 रहा। चिलगोजा इस वर्ष 1800 से 2000 रुपये रहा, जबकि बीते वर्ष हजार से 1500 रुपये बिका।
बादाम 1000 से 1200 रुपये बिक रहा। बीते वर्ष इसके दाम 900 रुपये तक थे। खुमानी 250 से 500 रुपये तक है। बीते वर्ष यह 400 रुपये तक ही बिका था। राजमाह के दाम पिछले साल 108 से 190 रुपये और इस समय 150 से 200 रुपये प्रति किलो रहा। चुली का तेल 500 से 800 रुपये किलो बिक रहा। बीते वर्ष इसके दाम 700 तक रहे। लोकल गिरी का मूल्य 500 रुपये और बीते वर्ष यह दाम 400 रुपये रहा। विभिन्न तरह की खाद्य सामग्री, खिलौने, व्यंजन, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला, मिक्की माउस मेले की शोभा बढ़ा रहे हैं। महोत्सव में किन्नौरी मार्केट आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां पर स्थानीय वस्तुएं, खाद्य पदार्थ, चोली, पट्टू, दोडू, पट्टियां टोपी, शॉल, गिरी, काला जीरा, किन्नौरी धूप, बादाम, खुमानी, नाशपाती, अखरोट, घी, चुली तेल और हथकरदा की वस्तुएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। स्थानीय के अलावा बाहर से आए लोगों ने मेले में पहले दिन जमकर खरीदारी की। विकास खंड कल्पा पार्वती स्वयं सहायता समूह दूनी के सचिव कविता नेगी ने बताया कि पट्टू, दोडू,पट्टियां तैयार करने में बहुत ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इनकी कीमत दो हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक है।
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