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विक्की चौहान के गानों पर थिरके निरमंडवासी
Updated Wed, 22 Nov 2017 07:10 PM IST
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बूढ़ी दिवाली की अंतिम संध्या में लोक कलाकारों ने मचाया धमाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो
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निरमंड(कुल्लू)।
निरमंड में जिला स्तरीय ऐतिहासिक बूढ़ी दिवाली मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या लोक कलाकार विक्की चौहान का जादू सिर चढ़ कर बोला। विक्की की एक से बढ़ कर एक प्रस्तुतियों ने अंतिम संध्या को यादगार बना दिया। विक्की चौहान ने चम चमांदे नी तेरे दांदड़ू हो बांठणिए...... झुमके-झुमके..... मेरे तो साथी माइआ सेल्फी खींचनी.... भाई जी ऐसी-ऐसी बात है ऐसी..... आज म्हारे पीनी पलानी..... आधिया पिला दे जैसे गानों पर प्रस्तुतियां देकर लोगों को नाचने और सीटियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
विक्की ने कार्यक्रम के अंत तक दर्शकों को बांधे रखा। अंतिम संध्या के मुख्यातिथि कुल्लू के अतिरिक्त उपायुक्त अमित गुलेरिया थे। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए मेला कमेटी और ग्रामीणों को बधाई दी। मेला कमेटी की सचिव एवं तहसीलदार निरमंड नीरजा शर्मा ने उन्हें शॉल, टोपी और मफलर पहनाकर मुख्यातिथि का स्वागत किया।
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इससे पहले राजकीय महाविद्यालय निरमंड के छात्र-छात्राओं की नाटी और कथक नृत्य, दिया शर्मा और सोनल ने डांस, गौरी महिला मंडल निरमंड, आदर्श शर्मा, यश पाल वर्मा, अमर राठौर, पूजा चौधरी और चेतन जोशी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। निरमंड स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कथक नृत्य, अंकिता, नेहा, यशिका के डांस, शिवानी और सहेलियों के देस रंगीला गाने पर नृत्य पेश किया।
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शाम के समय रामलीला मैदान में लंबी नाटी ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। क्षेत्र के आराध्य देवता महाराज ढरोपू के दर्शनों और आशीर्वाद के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। चुनाव आचार संहिता के चलते मेले के सफल आयोजन के लिए लोगों ने स्थानीय तहसीलदार और मेला कमेटी की सचिव की प्रशंसा की। रात्रि कार्यक्रमों के आयोजनों में स्थानीय विकास खंड कार्यालय की महिला समाज शिक्षा आयोजिका सुरेंद्र कौर का विशेष योगदान रहा। तीनों संध्याओं में मंच संचालन का कार्य एसी भारद्वाज और सुशाल वैद्य ने बखूबी किया।