फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   तीन माह में दो हजार भेड़-बकरियों की मौत

तीन माह में दो हजार भेड़-बकरियों की मौत

Fri, 01 Dec 2017 07:40 PM IST
Updated Fri, 01 Dec 2017 07:40 PM IST
विज्ञापन
तीन माह में दो हजार भेड़-बकरियों की मौत
भेंड़ - फोटो : Getty
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर की दुर्गम पंचायत रूपी में भेड़-बकरियां भयंकर बीमारी की चपेट में हैं। इससे पिछले तीन माह में करीब 2000 भेड-बकरियां मर चुकी हैं। इससे हजारों पशु पालक परेशान हैं। रूपी में 50 प्रतिशत लोग पूरी तरह से पशु पालन पर निर्भर हैं। पशु पालकों ने उपायुक्त डॉ. नरेश कुमार लट्ठ से पंचायत में जल्द पशु पालन विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
विज्ञापन

एक माह पहले पशु पालन विभाग की एक टीम ने रूपी पंचायत में स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद भी बीमारी नहीं थमी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में कई भेड़-बकरियों की सी पाक्स वायरल संक्रमण के चलते भेड़-बकरियों की मौत हो रही है। रूपी गांव के भेड़ पालक रधुदास नेगी, रविचंद नेगी, चत्तर सिंह नेगी, मुकेश नेगी, अश्वनी नेगी, रोशनलाल नेगी, फकीर चंद नेगी, सतदेव नेगी, दौलत नेगी, अशोक नेगी, चिंतराम नेगी, गुरीनंद नेगी, बादर सिंह नेगी, बलदेव नेगी, राजभगत नेगी, विरेंद्र सिंह नेगी आदि ने उपायुक्त और पशु पालन विभाग से मौके पर टीम को भेजने की मांग की है। कहा कि रूपी के पशु चिकित्सालय में एक फार्मासिस्ट और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन क्षेत्र में भेड़-बकरियों में फैलने वाली बीमारी को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन


स्वस्थ भेड़-बकरियों को रखें अलग : दीपिका
पशु पालन विभाग भावागनर के चिकित्सक डॉ. दीपिका बिष्ट ने बताया कि पशु पालन विभाग रूपी क्षेत्र में भेड़-बकरियों में फैल रही बीमारी को लेकर गंभीर है। पिछले महीने ही चिकित्सकों की टीम ने रूपी क्षेत्र का दौरा किया था। क्षेत्र की अधिकतर भेड़-बकरियों की सी पाक्स वायरल संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। इन बकरियों का नमूना बंगलूरू भेजा गया है। भेड़ पालक बीमार भेड़-बकरियों को अन्य स्वस्थ भेड़, बकरियों से दूर रखें और बीमार भेड़ो की अच्छी से देखभाल करें। इससे यह बीमारी रुक सकती हैं। रूपी क्षेत्र में दवाइयां बराबर भेजी जा रही हैं, ताकि बीमारी न फैल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed