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एक सप्ताह में नहीं सुलझी समस्याएं तो होगा प्रदर्शन
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एक सप्ताह में नहीं सुलझी समस्याएं तो होगा प्रदर्शन
बेनतीजा रही एसडीएम के साथ राजपुरा परियोजना प्रभावितों की बैठक
बैठक में रोजगार, प्रदूषण, लाडा राशि जारी करने सहित अन्य मुद्दे उठे
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की तकलेच और भड़ावली पंचायत में निर्माणाधीन 9.9 राजपुरा हाइड्रो परियोजना के प्रभावितों ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को लेकर गौर नहीं किया गया तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। वहीं शुक्रवार को एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक भी बेनतीजा रही। इस दौरान परियोजना प्रभावितों की मांगों को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
शुक्रवार को एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में 9.9 मेगावाट राजपुरा हाइड्रो प्रोजेक्ट के प्रभावित और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आए परियोजना प्रभावितों ने कहा कि इस परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा। परियोजना प्रभावित दो पंचायतों के ग्रामीणों को प्रदूषण, लाडा व कैट प्लान, कार्यालय के किराये की राशि का भुगतान बीते पांच वर्षों से नहीं हो पाया है। स्थानीय ठेकेदारों ने पूर्व में जो कार्य परियोजना में किए थे उनकी बकाया राशि पांच वर्ष से लंबित पड़ी है। परियोजना द्वारा निर्माण कार्य से निकलने वाले मलवा नोगली खड्ड में अवैध रूप से डाला जा रहा है। भड़ावली और तकलेच पंचायत में अवैध रूप से करीब 15 बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण किया गया है, जिसकी पुष्टि जंगलात और राजस्व विभाग की संयुक्त निशानदेही के दौरान हुआ है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि उक्त समस्याओं का निवारण जल्द नहीं किया गया तो ग्राम सभा द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र को रद्द किया जाएगा। वहीं इस अवसर पर प्रोजेक्ट की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।
एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि परियोजना प्रभावितों को रोजगार देने का मामला ऊर्जा विभाग के सचिव के पास है। यदि परियोजना से किसी की देनदारी है, तो वह सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। लाडा की राशि जारी करने को लेकर परियोजना प्रबंधन को कहा जाएगा।
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वहीं इस मौके पर परियोजना प्रभावित पंचायत भड़ावली की प्रधान सत्या कायथ, उप प्रधान दिनेश खमराल, तकलेच पंचायत प्रधान पवना कुमारी, योगिंद्र सिंह, हिरालाल शर्मा, दुर्गा सिंह, अजय कौशल, राजेश ठाकुर, राजेश चौहान, जय प्रकाश, चंद्रशेखर, भूपेंद्र चौहान, गोपाल नेगी, हुकम नेगी, रणवीर चौहान, लाल सिंह नेगी, राजेश मेहता, सुमित शर्मा और अनिरुद्ध बिष्ट सहित अन्य मौजूद रहे।
परियोजना के कोर्डिनेटर अश्वनी कुमार के अनुसार बैठक में शिरकत न कर पाने के लिए एसडीएम कोे पत्र भेज दिया गया था। वहीं प्रभावितों को रोजगार देने संबंधी मामले में एमपीपी पॉवर मंत्रालय को लिखित में भेजा गया है, वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
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बेनतीजा रही एसडीएम के साथ राजपुरा परियोजना प्रभावितों की बैठक
बैठक में रोजगार, प्रदूषण, लाडा राशि जारी करने सहित अन्य मुद्दे उठे
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की तकलेच और भड़ावली पंचायत में निर्माणाधीन 9.9 राजपुरा हाइड्रो परियोजना के प्रभावितों ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को लेकर गौर नहीं किया गया तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। वहीं शुक्रवार को एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक भी बेनतीजा रही। इस दौरान परियोजना प्रभावितों की मांगों को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
शुक्रवार को एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में 9.9 मेगावाट राजपुरा हाइड्रो प्रोजेक्ट के प्रभावित और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आए परियोजना प्रभावितों ने कहा कि इस परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा। परियोजना प्रभावित दो पंचायतों के ग्रामीणों को प्रदूषण, लाडा व कैट प्लान, कार्यालय के किराये की राशि का भुगतान बीते पांच वर्षों से नहीं हो पाया है। स्थानीय ठेकेदारों ने पूर्व में जो कार्य परियोजना में किए थे उनकी बकाया राशि पांच वर्ष से लंबित पड़ी है। परियोजना द्वारा निर्माण कार्य से निकलने वाले मलवा नोगली खड्ड में अवैध रूप से डाला जा रहा है। भड़ावली और तकलेच पंचायत में अवैध रूप से करीब 15 बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण किया गया है, जिसकी पुष्टि जंगलात और राजस्व विभाग की संयुक्त निशानदेही के दौरान हुआ है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि उक्त समस्याओं का निवारण जल्द नहीं किया गया तो ग्राम सभा द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र को रद्द किया जाएगा। वहीं इस अवसर पर प्रोजेक्ट की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।
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एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने कहा कि परियोजना प्रभावितों को रोजगार देने का मामला ऊर्जा विभाग के सचिव के पास है। यदि परियोजना से किसी की देनदारी है, तो वह सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। लाडा की राशि जारी करने को लेकर परियोजना प्रबंधन को कहा जाएगा।
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वहीं इस मौके पर परियोजना प्रभावित पंचायत भड़ावली की प्रधान सत्या कायथ, उप प्रधान दिनेश खमराल, तकलेच पंचायत प्रधान पवना कुमारी, योगिंद्र सिंह, हिरालाल शर्मा, दुर्गा सिंह, अजय कौशल, राजेश ठाकुर, राजेश चौहान, जय प्रकाश, चंद्रशेखर, भूपेंद्र चौहान, गोपाल नेगी, हुकम नेगी, रणवीर चौहान, लाल सिंह नेगी, राजेश मेहता, सुमित शर्मा और अनिरुद्ध बिष्ट सहित अन्य मौजूद रहे।
परियोजना के कोर्डिनेटर अश्वनी कुमार के अनुसार बैठक में शिरकत न कर पाने के लिए एसडीएम कोे पत्र भेज दिया गया था। वहीं प्रभावितों को रोजगार देने संबंधी मामले में एमपीपी पॉवर मंत्रालय को लिखित में भेजा गया है, वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।