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विकास कार्यों की ई टेंडरिंग पर प्रधान परिषद ने जताया रोष

Tue, 11 Jun 2019 09:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 09:48 PM IST
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विकास कार्यों की ई-टेंडरिंग का विरोध
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नारकंडा ब्लॉक की पंचायत प्रधान परिषद की बैठक में उठा मुद्दा
सरकार को चेताया, निर्णय वापस नहीं लिया तो छेड़ेंगे आंदोलन
जल्द कार्रवाई न होने पर सामूहिक इस्तीफा देने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। नारकंडा विकास खंड के तहत आने वाले पंचायत प्रधान परिषद ने मनरेगा को छोड़कर पंचायतों के सभी विकास कार्यों की ई-टेंडरिंग को लेकर रोष जताया है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में जनप्रतिनिधि आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे। बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर बीडीओ नारकंडा के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है। परिषद ने जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रधान परिषद की बैठक परिषद प्रधान अमर सिंह नलवा की अध्यक्षता में नारकंडा में आयोजित हुई। बैठक में मौजूद प्रधानों ने पंचायती राज विभाग की ओर से मनरेगा को छोड़कर सभी कार्याें को ई-टेंडरिंग से करवाने का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू की जाती है तो पंचायत प्रधान का कार्य केवल साफ-सफाई और भांग उखाड़ने का रह जाएगा। ई-टेंडरिंग 73वें संशोधन की मूल भावना और सुमित बॉस की सिफारिशों के विपरीत है। इस बात का विरोध भी किया गया कि यदि ग्राम पंचायत में पारित शेल्फ को जिला स्तरीय कमेटी पास करने और निरस्त करने का अधिकार रखती है तो न तो ग्राम सभा और न ही पंचायत लोगों की कोई अहमियत रहेगी।
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परिषद ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इसके बारे में शीघ्र हस्तक्षेप कर पंचायती राज विभाग को इन अनुचित निर्णयों को वापस लेने के निर्देश दें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मामले को लेकर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो नारकंडा ब्लॉक प्रधान परिषद आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा और प्रधान सामूहिक इस्तीफा देने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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इस मौके पर पंचायत प्रधान जार आरती निर्मोही, प्रधान जंजैहली पिंकी ठाकुर, प्रधान जरोल सुशीला श्याम, प्रधान सिंहल हरीश भ्रौटा, प्रधान मधावनी रोशन लाल, प्रधान कांगल रोशनी देवी, प्रधान मैलन नेहा धर्मा, जदूण प्रधान जोगिंद्र श्याम, खनेटी प्रधान राजेंद्र, कोटगढ़ प्रधान कैलाश, शिवान प्रधान गुड्डी देवी, किरटी प्रधान सुनीता गुप्ता, शमाथला प्रधान मीना जरेट, प्रधान बड़ागांव नरेंद्र कुमार, बड़ागांव प्रधान योद्धराज ठाकुर और मोगड़ा प्रधान नंदलाल मौजूद रहे।

पहले पंचायत में होने वाले चार लाख रुपये से अधिक के कार्य ई-टेंडरिंग के माध्यम से करवाए जाते थे, लेकिन अब एक लाख रुपये से अधिक के कार्य ई-टेंडरिंग के माध्यम से करवाए जाने हैं। पंचायत प्रधानों का कहना है कि पूर्व में इन कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर लेबर इस्तेमाल होती थी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता था। इस फैसले के लागू होने से पंचायत क्षेत्र से बाहर के मजदूर कार्य कर सकेंगे। पंचायतों में होने वाले विकास कार्य के लिए ब्लॉक स्तर पर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे, जिनमें समय और धन की बर्बादी होगी। पंचायत प्रधान केवल पैसा जारी करने तक सीमित रहेंगे।


रामपुर पंचायत परिषद के अध्यक्ष विरेंद्र भलूनी, प्रधान पद्मा कुमारी, यशपाल चौहान, इंदु बाला सहित 31 पंचायतों के प्रधानों ने कहा कि पंचायती राज विभाग द्वारा लिया जा रहा निर्णय पंचायतों के विरुद्ध है। यदि जल्द ही यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता तो प्रधान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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