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प्राथमिक स्कूल सारीबासा के पास नहीं है अपना भवन

Mon, 10 Jun 2019 09:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 09:36 PM IST
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दो कमरों में चल रही सात कक्षाएं, पढ़ाई प्रभावित
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प्राथमिक स्कूल सारीबासा का नहीं बन पाया अपना भवन
मौजूदा समय में स्कूल में 40 बच्चे ग्रहण कर रहे शिक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू। दशकों पुराना राजकीय प्राथमिक स्कूल सारीबासा (देवीधार) के पास अपना भवन उपलब्ध नहीं है। स्कूल भवन का निर्माण कागजों में ही सिमट कर रह गया है। मौजूदा समय में प्राथमिक स्कूल की कक्षाएं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के दो कमरों में चलाई जा रही हैं। दो कमरों में केजी, नर्सरी और पहली से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं चल रही हैं। दो कमरों में सात कक्षाओं को एक साथ चलाना पड़ रहा है। ऐसे में भवन के अभाव में कक्षाओं को सुचारु रुप से चलाने में शिक्षकों को भी काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
मौजूदा समय में राजकीय प्राथमिक स्कूल सारीबासा (देवीधार) में कुल 40 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस स्कूल के भवन को असुरक्षित घोषित कर तीन वर्ष पूर्व तोड़ दिया था। उसके बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से भवन का एस्टिमेट बनाकर शिक्षा विभाग को भेजा गया है लेकिन आज तक भवन के लिए बजट को स्वीकृति नहीं मिल पाई। स्कूल प्रबंधन समिति भवन निर्माण की मांग को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के समक्ष भी रख चुके हैं बावजूद इसके कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिसके कारण अभिभावकों में खासा रोष है।
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इस संबंध में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सितेंद्र शोंगी, सतीश कुमार, राजेश कुमार, रंजीता देवी, शर्मिला देवी, गज्जू देवी और मनीषा देवी के अनुसार प्राथमिक स्कूल सारीबासा के पास अपना भवन तक नहीं है। स्कूल के भवन को असुरक्षित घोषित कर तीन साल पहले गिरा दिया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष मामले को रखा गया है लेकिन स्कूल भवन के नाम पर मात्र आश्वासनों के अलावा अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। वहीं इस संबंध में स्कूल के मुख्य अध्यापक राम सरण जमियाण के अनुसार स्कूल भवन का एस्टिमेट बनाकर भेजा गया है। मामले को शिक्षा विभाग के ध्यान में लाया गया है।
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