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मतगणना अधिकारियों की परेशानी बढ़ाएगा मंडी लोस चुनाव
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2083 मतदान केंद्रों पर 12 लाख, 81
हजार 462 मतदाता करेंगे आज मतदान
23 मई को 17 प्रत्याशियों और नोटा की होगी गणना
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। मंडी संसदीय सीट के लिए होने वाले चुनाव में छह जिलों के 12 लाख 81 हजार 462 मतदाता आज अपने मत का प्रयोग करेंगे। 23 मई को इन चुनावों के नतीजे घोषित होने हैं, लेकिन मंडी लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की अधिक संख्या मतगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की परेशानी बढ़ाने वाली है।
मंडी लोकसभा क्षेत्र से इस बार दो राष्ट्रीय दलों सहित अन्य दलों के 17 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। प्रत्याशियों की अधिक संख्या होने के चलते जहां एक के बजाय दो ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाना है, वहीं अब अधिक प्रत्याशियों के होने से चुनाव मतगणना पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। मतगणना में जहां पहले के बजाय अधिक समय लगेगा, वहीं प्रत्याशियों के क्रम वार नतीजों को निकालने में भी मतगणना अधिकारियों को अधिक समय लगेगा। 6 जिलों के 17 विधानसभा क्षेत्रों में 23 मई को मतगणना होगी। संसदीय क्षेत्र में 2083 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 17 प्रत्याशी और नोटा की गिनती करने में अधिकारियों और कर्मचारियों का अधिक समय व्यय होगा। मंडी संसदीय क्षेत्र से 1977 से लेकर अब तक कांग्रेस के प्रत्याशी 7 बार, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी चार बार और भारतीय लोकदल के उम्मीदवार एक बार जीत दर्ज कर दिल्ली की संसद में पहुंचे हैं।
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हजार 462 मतदाता करेंगे आज मतदान
23 मई को 17 प्रत्याशियों और नोटा की होगी गणना
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। मंडी संसदीय सीट के लिए होने वाले चुनाव में छह जिलों के 12 लाख 81 हजार 462 मतदाता आज अपने मत का प्रयोग करेंगे। 23 मई को इन चुनावों के नतीजे घोषित होने हैं, लेकिन मंडी लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की अधिक संख्या मतगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की परेशानी बढ़ाने वाली है।
मंडी लोकसभा क्षेत्र से इस बार दो राष्ट्रीय दलों सहित अन्य दलों के 17 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। प्रत्याशियों की अधिक संख्या होने के चलते जहां एक के बजाय दो ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाना है, वहीं अब अधिक प्रत्याशियों के होने से चुनाव मतगणना पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। मतगणना में जहां पहले के बजाय अधिक समय लगेगा, वहीं प्रत्याशियों के क्रम वार नतीजों को निकालने में भी मतगणना अधिकारियों को अधिक समय लगेगा। 6 जिलों के 17 विधानसभा क्षेत्रों में 23 मई को मतगणना होगी। संसदीय क्षेत्र में 2083 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। 17 प्रत्याशी और नोटा की गिनती करने में अधिकारियों और कर्मचारियों का अधिक समय व्यय होगा। मंडी संसदीय क्षेत्र से 1977 से लेकर अब तक कांग्रेस के प्रत्याशी 7 बार, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी चार बार और भारतीय लोकदल के उम्मीदवार एक बार जीत दर्ज कर दिल्ली की संसद में पहुंचे हैं।
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