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सेब के बगीचों में सफेद चूर्ण रोग फैला, बागवान परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
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डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल के सेब बाहुल क्षेत्रों के बागवानों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले ओलावृष्टि और अब सूबे के अधिकांश सेब बाहुल क्षेत्रों के बगीचों में सफेद चूर्णी फंफूद (पत्ता मुड़न) रोग फैल रहा है। बगीचे के इस रोग की चपेट में आने से सेब की फसल को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है।
बागवानों का कहना है कि अधिकांश सेब के पेड़ों के पत्तों में सफेद चूर्ण रोग फैलने से काले धब्बे पड़ रहे हैं, जिसके चलते की पत्तियां सूख रही हैं। वहीं इलाके के बागवान बागवानी विशेषज्ञ की सलाह लिए बगैर सेब के बगीचों में दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं, जिसके काफी गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।
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बागवानी अधिकारियों ने शेड्यूल के मुताबिक ही बागवानों को बगीचों में अच्छी और गुणवत्ता फसल के लिए स्प्रे करने की सलाह दी है। बीते दो सप्ताह पूर्व सेब बाहुल क्षेत्र 12/20 और उसके आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से सेब की फसल शुरूआती दौर पर ही पूरी तरह से चौपट हो गई थी। अब इन दिनों सेब के पत्तों पर चूर्ण रोग फैलने से बागवानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। रामपुर खंड के सेब बाहुल क्षेत्रों में प्रतिवर्ष लाखों पेटियों का कारोबार होता है।
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प्रगतिशील बागवान पवन हुड्डन, बंसी लाल, दिनेश कायथ, सूरज नेगी, सुंदर सिंह, गोविंद कायथ, छतर सिंह, कमल चाई, जगत मसोई, कुलदीप और चतर खाची सहित अन्य बागवानों के अनुसार हर साल कभी प्रकृति के कारण तो कभी बगीचों में बीमारी लगने से काफी नुकसान होता है, लेकिन उन्हें मुआवजे के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते हैं।
वहीं इस संबंध में बागवानी विशेषज्ञ रामपुर डॉ. केएल कटोच के अनुसार सेब के पेड़ों में चूर्णी फंफूद (पत्ता मुड़न) रोग फैलने से खास कर नई ग्रोथ में इस तरह की समस्या पैदा होती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि बीमारी से निजात पाने के लिए स्कोर और कंटाफ का छिड़काव करें।