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राजपुरा परियोजना निर्माण कार्य में जुटी कंपनी पर गिरेगी गाज
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रामपुर बुशहर। 9.9 मेगावाट की राजपुरा परियोजना पर गाज गिरना तय है। शुक्रवार को वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर राजपुरा परियोजना निर्माण कार्य में जुटी कंपनी के निर्माण कार्यों की जांच करेगी। जांच में यदि कंपनी पर ग्रामीणों के लगाए आरोप सिद्ध साबित हुए तो कंपनी पर एफआईआर हो सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में ग्रामीणों ने राजपुरा परियोजना निर्माण कार्य में जुटी कंपनी पर वन भूमि पर बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य धड़ल्ले से करने के आरोप लगाए थे। ग्रामीणों के अनुसार आरटीआई के तहत ली गई जानकारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। कंपनी को जहां परियोजना निर्माण के लिए टनल बनाने की स्वीकृति मिली थी, लेकिन परियोजना नियमों को ताक पर रखकर ओपन चैनल में तैयार की जा रही है। 1300 मीटर वन भूमि पर अवैध रूप से कार्य किया जा रहा है। यही नहीं, वन विभाग की अनुमति लिए बगैर ही परियोजना क्रशर निर्माण कार्य में भी जुटी हुई है। वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। परियोजना से निकल रहे मलबे को खड्ड और नाले में ठिकाने लगाया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते दरशाल-मतैलनी सड़क को भी खतरा बना हुआ है।
प्रभावितों के हितों को कुचल कर कंपनी निर्माण कार्य में जुटी
भड़ावली पंचायत उपप्रधान दिनेश खमराल ने कहा कि राजपुरा परियोजना नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कर रही है। कंपनी प्रभावितों के हितों को कुचलकर कार्य करनी में जुटी हुई है। परियोजना से प्रभावित दोनों पंचायतों के ग्रामीण आज भी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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आज टीम निर्माण कार्य की जांच करेगी
डीएफओ रामपुर अशोक नेगी ने बताया कि वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम शुक्रवार को मौके पर जाकर निर्माण कार्य की जांच करेगी। यदि राजपुरा परियोजना निर्माण कार्य में जुटी कंपनी वन भूमि पर अवैध रूप से कार्य कर रही है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वन भूमि का नुकसान करने पर डैमेज रिपोर्ट काटी जाएगी। वहीं कंपनी पर नियमानुसार एफआईआर भी हो सकती है।
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गौरतलब है कि हाल ही में ग्रामीणों ने राजपुरा परियोजना निर्माण कार्य में जुटी कंपनी पर वन भूमि पर बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य धड़ल्ले से करने के आरोप लगाए थे। ग्रामीणों के अनुसार आरटीआई के तहत ली गई जानकारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। कंपनी को जहां परियोजना निर्माण के लिए टनल बनाने की स्वीकृति मिली थी, लेकिन परियोजना नियमों को ताक पर रखकर ओपन चैनल में तैयार की जा रही है। 1300 मीटर वन भूमि पर अवैध रूप से कार्य किया जा रहा है। यही नहीं, वन विभाग की अनुमति लिए बगैर ही परियोजना क्रशर निर्माण कार्य में भी जुटी हुई है। वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। परियोजना से निकल रहे मलबे को खड्ड और नाले में ठिकाने लगाया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते दरशाल-मतैलनी सड़क को भी खतरा बना हुआ है।
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प्रभावितों के हितों को कुचल कर कंपनी निर्माण कार्य में जुटी
भड़ावली पंचायत उपप्रधान दिनेश खमराल ने कहा कि राजपुरा परियोजना नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कर रही है। कंपनी प्रभावितों के हितों को कुचलकर कार्य करनी में जुटी हुई है। परियोजना से प्रभावित दोनों पंचायतों के ग्रामीण आज भी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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आज टीम निर्माण कार्य की जांच करेगी
डीएफओ रामपुर अशोक नेगी ने बताया कि वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम शुक्रवार को मौके पर जाकर निर्माण कार्य की जांच करेगी। यदि राजपुरा परियोजना निर्माण कार्य में जुटी कंपनी वन भूमि पर अवैध रूप से कार्य कर रही है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वन भूमि का नुकसान करने पर डैमेज रिपोर्ट काटी जाएगी। वहीं कंपनी पर नियमानुसार एफआईआर भी हो सकती है।