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आश्वासनों तक सिमटी खनेरी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं
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अमर उजाला ब्यूरो
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रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मात्र आश्वासनों तक ही सिमट कर रह गई हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार और सत्तासीन भाजपा सरकार अस्पताल की अव्यवस्थाओं को दूर करने में विफल साबित रही है।
सत्ता में आने से पहले क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने अस्पताल की समस्याओं को लेकर काफी शोरगुल किया था और सत्ता में आने पर अस्पताल की सभी अव्यवस्थाओं को दूर करने की घोषणाएं भी की थी, लेकिन सत्ता में काबिज होते ही नेताओं की सारी घोषणाएं धरी की धरी रह गईं। खनेरी अस्पताल प्रदेश के जिला शिमला, कुल्लू, मंडी और किन्नौर के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। इन जिलों से आपात की स्थिति में मरीजों को रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचाया जाता है। वहीं मौजूदा समय में अस्पताल में अव्यवस्था चल रही है। अस्पताल में 31 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से विशेषज्ञों सहित चिकित्सकों के 12 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं अस्पताल में फार्मासिस्टों के 12 पद और स्टाफ कर्मियों के दर्जनों पद रिक्त पड़े हैं। भाजपा के सत्तासीन होते ही अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हो गया, जिसके बाद यहां पहुंचने वाले मरीजों को रेडियोलॉजिस्ट की सुविधा नहीं मिल रही। मरीजों को निजी क्लीनिकों में जाकर 600-800 तक के मंहगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में ट्रामा सेंटर का निर्माण भी काफी धीमी गति से चल रहा है।
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क्षेत्र के रमेश शर्मा, तमन्ना नेगी, अक्षय शर्मा, विनोद शर्मा, मंजीत शर्मा, राकेश चौहान, दिनेश कुमार और जितेंद्र सहित अन्य लोगों ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में नेताओं को जवाब देना पड़ेगा कि उन्होंने जो आश्वासन क्षेत्र की जनता को दिए थे वे अब तक क्यों पूरे नहीं हो सके? नेताओं को लोगों की समस्याएं चुनाव के दिनों में ही याद आती है और चुनाव समाप्त होने के बाद समस्याओं का निराकरण होता ही नहीं। वे ऐसे उम्मीदवार को अपना कीमती वोट देंगे, जो पूरी तरह जनता की समस्याओं को हल करे।
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