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किन्नौर की ऊंची चोटियों में फिर हिमपात, जनजीवन अस्त-वयस्त
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एक माह बाद भी ग्रामीण रूट नहीं हो पाए बहाल
किन्नौर की ऊंची चोटियों में फिर हिमपात, जनजीवन अस्तव्यस्त
बिजली, पानी और सड़क सुविधाओं से वंचित हैं हजारों ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में फिर से मौसम ने करवट बदल ली है। किन्नौर में शनिवार को सुबह से ही जिला की ऊंची चोटियों में हल्का हल्का हिमपात शुरू हुआ। वहीं निचले क्षेत्रों में खराब मौसम के चलते दिनभर तेज हवाएं चलती रहीं। इसके चलते जिला की लोगों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक माह पूर्व शुरू हुए बर्फबारी के सिलसिले के बाद जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है।
जिले के लोगों को बिजली, पानी और सड़क सुविधाएं सुचारू रूप से नहीं मिल पा रही हैं। कंपकंपाती ठंड में विद्युत के अघोषित कटों की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है। वहीं पानी की पाइपें जम जाने से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। लोगों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। जिले के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही ठप पड़ी है। अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते करीब एक माह से बसें नहीं चल पाई हैं। बसों की आवाजाही ठप होने से जिले के लोगों को जरूरी सामान को भारी भरकम पैसा अदाकर निजी वाहनों में सफर करना पड़ रहा है।
राजेश नेगी, दौलत नेगी, प्रीतम नेगी, वीरेंद्र नेगी, सुरेंद्र नेगी, दीपक नेगी, कांता नेगी, मीनाक्षी नेगी, आशा नेगी और संगीता नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों से जल्द से जल्द प्राथमिकता के तौर पर मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की है। वहीं लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह गुलेरिया और अधिशासी अभियंता भावानगर आरएल चौहान के अनुसार बाधित सड़कों को जल्द बहाल किया जाएगा। पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी ने कहा कि भारी बर्फबारी को देखते हुए अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर निगम की बसें नहीं भेजी जा रही हैं। जहां तक संभव हो रहा है, बसों को भेजा जा रहा है। वहीं आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता रिकांगपिओ उदय सिंह बौद्ध ने कहा कि भारी बर्फबारी से पेयजल पाइपों के जमने और स्रोतों में पानी की कमी से दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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किन्नौर की ऊंची चोटियों में फिर हिमपात, जनजीवन अस्तव्यस्त
बिजली, पानी और सड़क सुविधाओं से वंचित हैं हजारों ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में फिर से मौसम ने करवट बदल ली है। किन्नौर में शनिवार को सुबह से ही जिला की ऊंची चोटियों में हल्का हल्का हिमपात शुरू हुआ। वहीं निचले क्षेत्रों में खराब मौसम के चलते दिनभर तेज हवाएं चलती रहीं। इसके चलते जिला की लोगों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक माह पूर्व शुरू हुए बर्फबारी के सिलसिले के बाद जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है।
जिले के लोगों को बिजली, पानी और सड़क सुविधाएं सुचारू रूप से नहीं मिल पा रही हैं। कंपकंपाती ठंड में विद्युत के अघोषित कटों की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है। वहीं पानी की पाइपें जम जाने से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। लोगों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। जिले के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही ठप पड़ी है। अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते करीब एक माह से बसें नहीं चल पाई हैं। बसों की आवाजाही ठप होने से जिले के लोगों को जरूरी सामान को भारी भरकम पैसा अदाकर निजी वाहनों में सफर करना पड़ रहा है।
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राजेश नेगी, दौलत नेगी, प्रीतम नेगी, वीरेंद्र नेगी, सुरेंद्र नेगी, दीपक नेगी, कांता नेगी, मीनाक्षी नेगी, आशा नेगी और संगीता नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों से जल्द से जल्द प्राथमिकता के तौर पर मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की है। वहीं लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह गुलेरिया और अधिशासी अभियंता भावानगर आरएल चौहान के अनुसार बाधित सड़कों को जल्द बहाल किया जाएगा। पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी ने कहा कि भारी बर्फबारी को देखते हुए अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर निगम की बसें नहीं भेजी जा रही हैं। जहां तक संभव हो रहा है, बसों को भेजा जा रहा है। वहीं आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता रिकांगपिओ उदय सिंह बौद्ध ने कहा कि भारी बर्फबारी से पेयजल पाइपों के जमने और स्रोतों में पानी की कमी से दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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