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शून्य से नीचे पहुंच किन्नौर जिले में पारा
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रोपा में हिमस्खलन से कई घर खतरे की जद में
दो दर्जन से अधिक परिवार डर के साये में जीने को मजबूर
जिले में बुधवार रात से बर्फबारी और बारिश का क्रम जारी
नेशनल हाईवे छह स्थानों पर बाधित, बहाली के प्रयास जारी
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला/रिकांगपिओ(किन्नौर)। खराब मौसम के कारण जनजातीय जिला किन्नौर में लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। बुधवार शाम से जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया, वहीं जिले के निचले इलाकों में बारिश का क्रम जारी है। बर्फबारी के बाद जिले में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है, जिस कारण जिले में बर्फीली हवाओं और शीतलहर का प्रकोप जारी है। वहीं जिला प्रशासन ने भी जिले के लोगों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बुधवार देर रात से किन्नौर जिले के कल्पा, निचार और पूह खंड के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में तेज ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है। वीरवार को पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वीरवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित खवांगी, पोवारी, कड़छम, चोलिंग, टापरी, भावानगर, निगुलसरी और चौरा क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश का दौर रहा। वहीं कल्पा, पूह और निचार के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बर्फीली हवाओं के बीच हिमपात होता रहा। भारी बर्फबारी के कारण जिले के काशंग नाले से पूह काजा की ओर छह स्थानों पर हिमखंड गिरने से नेशनल हाईवे पांच बाधित हो गया है। काशंग नाले के पास 30 मीटर, पूह नाले में 10 मीटर, टिंकू नाले में 80 मीटर, भगत नाले में 100 मीटर, नेसंग में हिमखंड आने से एनएच पांच आवाजाही के लिए बाधित हो गया है। एनएच बाधित होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की 6 मशीनें और करीब 100 मजदूर एनएच पांच को बहाल करने में जुट गए हैं।
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सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी डीके राघव के अनुसार वीरवार सुबह सात बजे से ही काशंग से लेकर पूह काजा की तरफ एनएच पर आए हिमखंडों को हटाने में सीमा सड़क संगठन के जवान और मशीनें जुट गई हैं। देर शाम तक अवरुद्ध एनएच को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी, अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी ने कहा कि वीरवार को कल्पा, रल्ली, पांगी, चगांव, उरनी और सांगला वाली बसों को भेजा गया, वहीं बर्फबारी और बारिश के चलते अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर जगह-जगह ल्हासे और चट्टानों के गिरने से निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई।
हिमस्खलन से कई घरों को बना खतरा
जिले में बुधवार रात से शुरू हुई बर्फबारी और बारिश के कारण जिले में जगह-जगह हिमस्खलन की सूचनाएं मिली हैं। कुछ रिहायशी इलाकों के पास हिमखंड गिरने से लोग दहशत में हैं। खतरे को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। भारी बर्फबारी के कारण रोपा गांव के साथ लगते सुमतात नाले में भारी हिमस्खलन आने से कई घरों को खतरा बना हुआ है। इस हिमस्खलन से रोपा गांव के वार्ड नंबर तीन के करीब 25 परिवार दहशत में हैं। गांव का यह वार्ड नाले के साथ सटा हुआ है। हिमखंड आने से वार्ड नंबर 3 के करीब 6 परिवारों ने खतरे को भांपते हुए बुधवार रात को ही अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली है।
स्थानीय निवासी वार्ड सदस्य उरज्ञान डोलमा, भगत सिंह, हरि सिंह, सुरेश पल, पलजोर, धर्म सिंह, हीर पाल के अनुसार इस वार्ड को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल भी हिमखंड की चपेट में आ गया है। लगातार हो रही बर्फबारी से स्थानीय लोगों के मकान और बगीचों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। उप प्रधान रोपा इंद्र नेगी ने कहा कि हिमखंड से कई बागवानों के बगीचे भी चपेट में आने का भी अंदेशा है। सुमतात और रोपा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से गांव को जोड़ने वाली सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।
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दो दर्जन से अधिक परिवार डर के साये में जीने को मजबूर
जिले में बुधवार रात से बर्फबारी और बारिश का क्रम जारी
नेशनल हाईवे छह स्थानों पर बाधित, बहाली के प्रयास जारी
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला/रिकांगपिओ(किन्नौर)। खराब मौसम के कारण जनजातीय जिला किन्नौर में लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। बुधवार शाम से जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया, वहीं जिले के निचले इलाकों में बारिश का क्रम जारी है। बर्फबारी के बाद जिले में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है, जिस कारण जिले में बर्फीली हवाओं और शीतलहर का प्रकोप जारी है। वहीं जिला प्रशासन ने भी जिले के लोगों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बुधवार देर रात से किन्नौर जिले के कल्पा, निचार और पूह खंड के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में तेज ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है। वीरवार को पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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वीरवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित खवांगी, पोवारी, कड़छम, चोलिंग, टापरी, भावानगर, निगुलसरी और चौरा क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश का दौर रहा। वहीं कल्पा, पूह और निचार के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बर्फीली हवाओं के बीच हिमपात होता रहा। भारी बर्फबारी के कारण जिले के काशंग नाले से पूह काजा की ओर छह स्थानों पर हिमखंड गिरने से नेशनल हाईवे पांच बाधित हो गया है। काशंग नाले के पास 30 मीटर, पूह नाले में 10 मीटर, टिंकू नाले में 80 मीटर, भगत नाले में 100 मीटर, नेसंग में हिमखंड आने से एनएच पांच आवाजाही के लिए बाधित हो गया है। एनएच बाधित होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की 6 मशीनें और करीब 100 मजदूर एनएच पांच को बहाल करने में जुट गए हैं।
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सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी डीके राघव के अनुसार वीरवार सुबह सात बजे से ही काशंग से लेकर पूह काजा की तरफ एनएच पर आए हिमखंडों को हटाने में सीमा सड़क संगठन के जवान और मशीनें जुट गई हैं। देर शाम तक अवरुद्ध एनएच को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी, अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी ने कहा कि वीरवार को कल्पा, रल्ली, पांगी, चगांव, उरनी और सांगला वाली बसों को भेजा गया, वहीं बर्फबारी और बारिश के चलते अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर जगह-जगह ल्हासे और चट्टानों के गिरने से निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई।
हिमस्खलन से कई घरों को बना खतरा
जिले में बुधवार रात से शुरू हुई बर्फबारी और बारिश के कारण जिले में जगह-जगह हिमस्खलन की सूचनाएं मिली हैं। कुछ रिहायशी इलाकों के पास हिमखंड गिरने से लोग दहशत में हैं। खतरे को देखते हुए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। भारी बर्फबारी के कारण रोपा गांव के साथ लगते सुमतात नाले में भारी हिमस्खलन आने से कई घरों को खतरा बना हुआ है। इस हिमस्खलन से रोपा गांव के वार्ड नंबर तीन के करीब 25 परिवार दहशत में हैं। गांव का यह वार्ड नाले के साथ सटा हुआ है। हिमखंड आने से वार्ड नंबर 3 के करीब 6 परिवारों ने खतरे को भांपते हुए बुधवार रात को ही अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली है।
स्थानीय निवासी वार्ड सदस्य उरज्ञान डोलमा, भगत सिंह, हरि सिंह, सुरेश पल, पलजोर, धर्म सिंह, हीर पाल के अनुसार इस वार्ड को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल भी हिमखंड की चपेट में आ गया है। लगातार हो रही बर्फबारी से स्थानीय लोगों के मकान और बगीचों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। उप प्रधान रोपा इंद्र नेगी ने कहा कि हिमखंड से कई बागवानों के बगीचे भी चपेट में आने का भी अंदेशा है। सुमतात और रोपा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से गांव को जोड़ने वाली सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।