फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   सी, डी क्लास के ठेकेदार झेल रहे जीएसटी और ईपीएफ की मार

सी, डी क्लास के ठेकेदार झेल रहे जीएसटी और ईपीएफ की मार

Thu, 20 Sep 2018 10:16 PM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
बीस लाख तक के कार्यों के लिए
विज्ञापन

ऑफलाइन निविदाएं भरने की मिले सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर के सीएंडडी श्रेणी ठेकेदार यूनियन ने जीएसटी और ईपीएफ को लेकर प्रदेश के ठेकेदारों से एकजुट होने की अपील की है। यूनियन ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में ठेकेदारों को 10 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए ऑफलाइन निविदाएं भरने की सुविधा थी, जिसे वर्तमान सरकार ने घटाकर पांच लाख कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर रामपुर में बुशैहर सीएंडडी श्रेणी ठेकेदार यूनियन की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष सुदेश कौशिक ने की।
उन्होंने कहा कि सीएंडडी श्रेणी के ठेकेदारों से 12 और 18 प्रतिशत की वसूली की जा रही है। पूर्व में ठेकेदार द्वारा दो प्रतिशत सेल टैक्स दिया जाता था, लेकिन अब 12 और 18 प्रतिशत जीएसटी कैसे दिया जाएगा? इसके अलावा इन्हें सीए का खर्चा भी देना पड़ रहा है। 1 जुलाई 2017 से सरकार ने जीएसटी लागू किया गया है, विभागों द्वारा उसे लागू नहीं किया जा रहा और न ही इसका ब्योरा टेंडर प्रक्रिया में जोड़ा गया है।
विज्ञापन

यूनियन ने सरकार को चेताया कि यदि जल्द ही जीएसटी और ईपीएफ की अदायगी के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यूनियन ने प्रदेश के करीब तीन हजार सी एंड डी श्रेणी के ठेकेदारों से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की अपील की है। इस मौके पर महासचिव चूड़ा राम, विनोद कुमार, दीपक, जेपी, जिया लाल, केवल राम, राम रत्न शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed