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चोटियों में ताजा हिमपात और बारिश होने से ठंड का प्रकोप बढ़ा
Updated Thu, 15 Nov 2018 09:47 PM IST
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चोटियों में हिमपात, बारिश
होने से बढ़ा ठंड का प्रकोप
सेब व अन्य नगदी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी बारिश
नवंबर माह में बर्फबारी होने से किसानों-बागवानों के खिले चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की दुर्गम एवं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते बुधवार को हुई ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्र में बारिश होने से समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। 12/20 वैली के श्राईकोटी मंदिर, दारनघाटी, नोग वैली के शिकारीधार, मुनिश, काशापाट, दरकाली और मंढोग में करीब 2 से 4 इंच तक ताजा बर्फबारी हुई है।
क्षेत्र में हुई बर्फबारी और बारिश सेब व अन्य नगदी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इस बार सर्दी का अनुमान ज्यादा होने के चलते ग्रामीणों क्षेत्रों के लोग पशुचारा और सर्दी से बचने के लिए लकड़ी इकट्ठा करने में जुट गए हैं। काशापाट निवासी वीरचंद साहनी, चुड़ा राम, गोकल राम, बसंत राम, राम रत्न, बुद्धि सिंह, विजय गोस्वामी, पीयूष मेहता, सतीश बुशैहरी और देविंद्र सिंह ने बताया कि नवंबर माह में बर्फबारी से इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार बने हुए हैं, जिससे दुर्गम क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त न हो, इसके लिए उन्होंने प्रशासन से पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है।
वहीं नवंबर माह में ऊंची चोटियों में बर्फबारी और बारिश से किसान-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। यह बारिश उनकी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। ताजा बर्फबारी और बारिश होने से तापमान में गिरावट आने से फसलों में कीड़े लगने की संभावना भी काफी कम हो जाती है, जिससे फसलों की अच्छी पैदावार होती है। किसान इस समय गेंहू, जौ, मटर और आलू की बिजाई करने के लिए इस बारिश को काफी उपयुक्त मान रहे हैं।
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होने से बढ़ा ठंड का प्रकोप
सेब व अन्य नगदी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी बारिश
नवंबर माह में बर्फबारी होने से किसानों-बागवानों के खिले चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की दुर्गम एवं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते बुधवार को हुई ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्र में बारिश होने से समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। 12/20 वैली के श्राईकोटी मंदिर, दारनघाटी, नोग वैली के शिकारीधार, मुनिश, काशापाट, दरकाली और मंढोग में करीब 2 से 4 इंच तक ताजा बर्फबारी हुई है।
क्षेत्र में हुई बर्फबारी और बारिश सेब व अन्य नगदी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इस बार सर्दी का अनुमान ज्यादा होने के चलते ग्रामीणों क्षेत्रों के लोग पशुचारा और सर्दी से बचने के लिए लकड़ी इकट्ठा करने में जुट गए हैं। काशापाट निवासी वीरचंद साहनी, चुड़ा राम, गोकल राम, बसंत राम, राम रत्न, बुद्धि सिंह, विजय गोस्वामी, पीयूष मेहता, सतीश बुशैहरी और देविंद्र सिंह ने बताया कि नवंबर माह में बर्फबारी से इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार बने हुए हैं, जिससे दुर्गम क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त न हो, इसके लिए उन्होंने प्रशासन से पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है।
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वहीं नवंबर माह में ऊंची चोटियों में बर्फबारी और बारिश से किसान-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। यह बारिश उनकी फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। ताजा बर्फबारी और बारिश होने से तापमान में गिरावट आने से फसलों में कीड़े लगने की संभावना भी काफी कम हो जाती है, जिससे फसलों की अच्छी पैदावार होती है। किसान इस समय गेंहू, जौ, मटर और आलू की बिजाई करने के लिए इस बारिश को काफी उपयुक्त मान रहे हैं।
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