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किशन, नरेंद्र रंजन ने नाटी पर नचाए
Updated Tue, 24 Apr 2018 09:14 PM IST
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कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या सोमवार को किशन वर्मा, पूर्ण शिवा, हेमंत शर्मा व विक्की चौहान के नाम रही। सांस्कृतिक संध्या में एक दर्जन से अधिक लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक संध्या में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंतिम सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत शिव शक्ति कलामंच सिरमौर की ओर से की गई।
सिरमौर से कल्पना तोमर, सुनील चौहान, शिमला से किरण शर्मा, सिरमौर से चंद्रमोहन ठाकुर, नावर से महेंद्र शरौंथी, रोहड़ू से धनी राम बागड़ी, चिड़गांव से दीवान सिवान, जुब्बल से कविता किमटा, कार्तिक शर्मा ने प्रस्तुति दी। जुब्बल के लोक गायक विक्की चौहान ने पहाड़ी बंदे बड़े मस्त बंदे, डाली झूमा-डाली झूमा, चमचमादे तेरे दांदड़ू, तांओ साथी मारे सेल्फी खिंचानी, बस तेरी चर्चे गांव गांव दे, झूमके-झूमके तेरे कानों रे झूमके और भाई ठीक ठाक की प्रस्तुति से लोगों का मन मोहा। कार्यक्रम का आकर्षण ठियोग के लोक गायक किशन वर्मा ने डाली सोरजुए, साईबा री बीबीऐ, घाटो री ए नेरुए आदि की प्रस्तुति से दर्शकों को खूब नचाया। पूर्ण शिवा ने क्या हुआ तेरा वादा, चाहुंगा में तुझे सांझ सवेरे, गुलाबी आंखें जो तेरी देखी की प्रस्तुति दी। रोहड़ू के लोक गायक नरेंद्र रंजन ने मेरे मामा रंजिया मामा, मामा टिपरुआ, तेरा मेरा प्यार आड़िए, तेरा मेरा बांकी छोरिए, ऐजी बुशो नागा साहबा आदि पर वाहवाही लूटी। चौपाल के लोक गायक हेमंत शर्मा ने आच्छा लागा बिंदिये रहा ढाठु, पिपली खायो लागे सीसी, बोतला फुटी हाये रे, झुपकु वाले की प्रस्तुति से तालियां बटोरीं।
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रोहड़ू।
राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या सोमवार को किशन वर्मा, पूर्ण शिवा, हेमंत शर्मा व विक्की चौहान के नाम रही। सांस्कृतिक संध्या में एक दर्जन से अधिक लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक संध्या में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंतिम सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत शिव शक्ति कलामंच सिरमौर की ओर से की गई।
सिरमौर से कल्पना तोमर, सुनील चौहान, शिमला से किरण शर्मा, सिरमौर से चंद्रमोहन ठाकुर, नावर से महेंद्र शरौंथी, रोहड़ू से धनी राम बागड़ी, चिड़गांव से दीवान सिवान, जुब्बल से कविता किमटा, कार्तिक शर्मा ने प्रस्तुति दी। जुब्बल के लोक गायक विक्की चौहान ने पहाड़ी बंदे बड़े मस्त बंदे, डाली झूमा-डाली झूमा, चमचमादे तेरे दांदड़ू, तांओ साथी मारे सेल्फी खिंचानी, बस तेरी चर्चे गांव गांव दे, झूमके-झूमके तेरे कानों रे झूमके और भाई ठीक ठाक की प्रस्तुति से लोगों का मन मोहा। कार्यक्रम का आकर्षण ठियोग के लोक गायक किशन वर्मा ने डाली सोरजुए, साईबा री बीबीऐ, घाटो री ए नेरुए आदि की प्रस्तुति से दर्शकों को खूब नचाया। पूर्ण शिवा ने क्या हुआ तेरा वादा, चाहुंगा में तुझे सांझ सवेरे, गुलाबी आंखें जो तेरी देखी की प्रस्तुति दी। रोहड़ू के लोक गायक नरेंद्र रंजन ने मेरे मामा रंजिया मामा, मामा टिपरुआ, तेरा मेरा प्यार आड़िए, तेरा मेरा बांकी छोरिए, ऐजी बुशो नागा साहबा आदि पर वाहवाही लूटी। चौपाल के लोक गायक हेमंत शर्मा ने आच्छा लागा बिंदिये रहा ढाठु, पिपली खायो लागे सीसी, बोतला फुटी हाये रे, झुपकु वाले की प्रस्तुति से तालियां बटोरीं।
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