{"_id":"5a3d0c084f1c1b8e698c3446","slug":"131513950216-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों की समस्याओं पर प्रदर्शन, नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों की समस्याओं पर प्रदर्शन, नारेबाजी
Updated Fri, 22 Dec 2017 09:11 PM IST
विज्ञापन
protest
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर बुशहर। कॉलेज रामपुर में शुक्रवार को एसएफआई ने छात्रों की मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। एसएफआई ने दो टूक कहा कि एक माह के भीतर कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। एसएफआई का मानना है कि कॉलेज में जब से रूसा प्रणाली लागू की गई है, तब से शिक्षा में गुणात्मक सुधार नहीं हुआ है।
रूसा प्रणाली के तहत हर सेमेस्टर में छात्रों के लिए कम से कम 45 लेक्चर जरूरी हैं। लेकिन एक सेमेस्टर में सिर्फ 30 लेक्चर हो रहे हैं। छात्रों की परीक्षाएं ली जा रही हैं और उनका परीक्षा परिणाम समय पर नहीं निकाला जा रहा। एसएफआई ने प्रधानाचार्य पीसी कश्यप को ज्ञापन भी सौंपा। एसएफआई कॉलेज इकाई की महासचिव नेहा ने कहा कि पिछले कई सालों से छात्रों की मांगें लंबित पड़ी हुई हैं। उनका समाधान नहीं किया जा रहा है। संगठन हर साल छात्रों की मांगों को कॉलेज प्रबंधन से उठाता रहा। साथ ही मांग की है कि रूसा प्रणाली से शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए निर्धारित लेक्चर पूरे कराए जाएं। कक्षाओं में छात्रों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था नहीं और बैंचों की कमी भी है। छात्रों के बैठने के लिए एक हजार बैंचों की व्यवस्था की जाए। नेहा ने कहा कि कैंटीन और लाइब्रेरी के बाहर पेयजल फिल्टर लगाने की पूरी नहीं हो रही। लाइब्रेरी में किताबों की संख्या बढ़ाई जाए। इस दौरान राहुल, स्मृति, चांदनी, साक्षी, राजीव, नीलम निशांत ईश्वर सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
रूसा प्रणाली के तहत हर सेमेस्टर में छात्रों के लिए कम से कम 45 लेक्चर जरूरी हैं। लेकिन एक सेमेस्टर में सिर्फ 30 लेक्चर हो रहे हैं। छात्रों की परीक्षाएं ली जा रही हैं और उनका परीक्षा परिणाम समय पर नहीं निकाला जा रहा। एसएफआई ने प्रधानाचार्य पीसी कश्यप को ज्ञापन भी सौंपा। एसएफआई कॉलेज इकाई की महासचिव नेहा ने कहा कि पिछले कई सालों से छात्रों की मांगें लंबित पड़ी हुई हैं। उनका समाधान नहीं किया जा रहा है। संगठन हर साल छात्रों की मांगों को कॉलेज प्रबंधन से उठाता रहा। साथ ही मांग की है कि रूसा प्रणाली से शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए निर्धारित लेक्चर पूरे कराए जाएं। कक्षाओं में छात्रों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था नहीं और बैंचों की कमी भी है। छात्रों के बैठने के लिए एक हजार बैंचों की व्यवस्था की जाए। नेहा ने कहा कि कैंटीन और लाइब्रेरी के बाहर पेयजल फिल्टर लगाने की पूरी नहीं हो रही। लाइब्रेरी में किताबों की संख्या बढ़ाई जाए। इस दौरान राहुल, स्मृति, चांदनी, साक्षी, राजीव, नीलम निशांत ईश्वर सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
विज्ञापन