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ओलों से फूलों के साथ सेब के पत्ते भी झड़ गए
Updated Tue, 10 Apr 2018 09:31 PM IST
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ओलावृष्टि
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
रोहड़ू, चिड़गांव सहित कोटखाई के कई क्षेत्रों में मंगलवार को ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि इतनी तेज थी की सेब के पौधों से फूल व पत्ते टूटकर जमीन पर गिर गए। बागवानी विभाग के अनुसार ओलावृष्टि से करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हुई है। विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।
क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे ओलावृष्टि शुरू हुई है। करीब आधे घंटे तक तेज हवाओं के साथ कई क्षेत्रों में ओले गिरे। उपमंडल के अंतर्गत शिलादेश, लड़ोट, धमवाड़ी, टिक्करी, देनवारी, सिंदासली, शिरोली, कुलगांव, खाबल, बुटाड़ा, गावणा, कुटाड़ा, भमनोली में ओले गिरे। इसके अतिरिक्त कोटखाई क्षेत्र के बखोल, जारू, चकुना में भी भारी ओलावृष्टि हुई है। उद्यान विकास अधिकारी चिड़गांव डॉ. कुशाल मेहता ने बताया कि मंगलवार दोपहर के समय आधा दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि हुई है। इससे सेब की फ्लावरिंग प्रभावित हुई है। सेब की फसल को करोड़ों रुपये की क्षति हुई है। बागवानी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। कोटखाई के विषय वाद विशेषज्ञ धर्मवीर काल्टा ने बताया कि कोटखाई के बखोल, जारू, चकुना में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। क्षति का आकलन किया जा रहा है।
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रोहड़ू।
रोहड़ू, चिड़गांव सहित कोटखाई के कई क्षेत्रों में मंगलवार को ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि इतनी तेज थी की सेब के पौधों से फूल व पत्ते टूटकर जमीन पर गिर गए। बागवानी विभाग के अनुसार ओलावृष्टि से करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हुई है। विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है।
क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे ओलावृष्टि शुरू हुई है। करीब आधे घंटे तक तेज हवाओं के साथ कई क्षेत्रों में ओले गिरे। उपमंडल के अंतर्गत शिलादेश, लड़ोट, धमवाड़ी, टिक्करी, देनवारी, सिंदासली, शिरोली, कुलगांव, खाबल, बुटाड़ा, गावणा, कुटाड़ा, भमनोली में ओले गिरे। इसके अतिरिक्त कोटखाई क्षेत्र के बखोल, जारू, चकुना में भी भारी ओलावृष्टि हुई है। उद्यान विकास अधिकारी चिड़गांव डॉ. कुशाल मेहता ने बताया कि मंगलवार दोपहर के समय आधा दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि हुई है। इससे सेब की फ्लावरिंग प्रभावित हुई है। सेब की फसल को करोड़ों रुपये की क्षति हुई है। बागवानी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। कोटखाई के विषय वाद विशेषज्ञ धर्मवीर काल्टा ने बताया कि कोटखाई के बखोल, जारू, चकुना में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। क्षति का आकलन किया जा रहा है।
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