{"_id":"5b129ea64f1c1bae6e8b5e26","slug":"111527946918-rampur-bushahar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
Updated Sat, 02 Jun 2018 09:17 PM IST
विज्ञापन
अस्पताल भवन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चौपाल (रोहड़ू)।
सिविल अस्पताल चौपाल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल भवन, रसोई, लैब तथा डॉक्टरों के लिए आवास का कार्य अधर में हैं। सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के सभी पद खाली चल रहे हैं। प्रति नियुक्ति पर तैनात चिकित्सकों से अस्पताल का कार्य चल रहा है। क्षेत्र के लोगों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।
दो वर्ष पूर्व सिविल अस्पताल चौपाल की क्षमता 50 बिस्तरों की कर दी गई थी। लेकिन आज तक अस्पताल में 30 ही बिस्तर ही है। अस्पताल में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। मरीजों को प्राइवेट क्लीनिकों में टेस्ट व एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल चौपाल के नए भवन निर्माण का शिलान्यास वर्ष 2011 मेें हुआ है। लेकिन अभी तक भवन का निर्माण अधर में हैं। सिविल अस्पताल चौपाल में डॉक्टरों के आवास खस्ताहाल है। नए आवास के निर्माण की योजना सिरे नहीं चढ़ी है। सिविल अस्पताल चौपाल में सुविधाएं न होने के कारण मरीजों को करीब 100 किलोमीटर दूर शिमला जाना पड़ता है। बलबीर ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। बार-बार आग्रह के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं लाया जा रहा है। शिवलाल भोटा ने कहा कि सिविल अस्पताल चौपाल में सुविधाएं प्रदान करने के चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वायदे करते हैं, जो बाद में पूरे नहीं होते। वार्ड की पूर्व पार्षद सत्या मधाईक ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों के पद भी खाली चल रहे हैं। नए भवन का कार्य भी अधर में लटका हुआ है। नगर पंचायत चौपाल वार्ड नंबर चार के पार्षद जगमोहन मधाईक ने बताया कि सरकार से चौपाल में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने तथा चिकित्सकों के आवास ठीक करने का मामला उठाया जाएगा। अस्पताल भवन निर्माण को भी शीघ्र पूरा करने की मांग सरकार के सामने रखी जाएगी।
विज्ञापन
चौपाल (रोहड़ू)।
सिविल अस्पताल चौपाल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल भवन, रसोई, लैब तथा डॉक्टरों के लिए आवास का कार्य अधर में हैं। सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के सभी पद खाली चल रहे हैं। प्रति नियुक्ति पर तैनात चिकित्सकों से अस्पताल का कार्य चल रहा है। क्षेत्र के लोगों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।
दो वर्ष पूर्व सिविल अस्पताल चौपाल की क्षमता 50 बिस्तरों की कर दी गई थी। लेकिन आज तक अस्पताल में 30 ही बिस्तर ही है। अस्पताल में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। मरीजों को प्राइवेट क्लीनिकों में टेस्ट व एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल चौपाल के नए भवन निर्माण का शिलान्यास वर्ष 2011 मेें हुआ है। लेकिन अभी तक भवन का निर्माण अधर में हैं। सिविल अस्पताल चौपाल में डॉक्टरों के आवास खस्ताहाल है। नए आवास के निर्माण की योजना सिरे नहीं चढ़ी है। सिविल अस्पताल चौपाल में सुविधाएं न होने के कारण मरीजों को करीब 100 किलोमीटर दूर शिमला जाना पड़ता है। बलबीर ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। बार-बार आग्रह के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं लाया जा रहा है। शिवलाल भोटा ने कहा कि सिविल अस्पताल चौपाल में सुविधाएं प्रदान करने के चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वायदे करते हैं, जो बाद में पूरे नहीं होते। वार्ड की पूर्व पार्षद सत्या मधाईक ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों के पद भी खाली चल रहे हैं। नए भवन का कार्य भी अधर में लटका हुआ है। नगर पंचायत चौपाल वार्ड नंबर चार के पार्षद जगमोहन मधाईक ने बताया कि सरकार से चौपाल में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने तथा चिकित्सकों के आवास ठीक करने का मामला उठाया जाएगा। अस्पताल भवन निर्माण को भी शीघ्र पूरा करने की मांग सरकार के सामने रखी जाएगी।
विज्ञापन