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Himachal News: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह बोले- कश्मीर दो देशों का आंतरिक मसला, दोनों ही सुलझाएंगे

Tue, 13 May 2025 07:27 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 13 May 2025 07:27 PM IST
सार

Vikramaditya Singh: लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारत और पाक युद्ध मामले में जिस तरह अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने ट्विट में बात कही, इस पर उन्होंने कहा कि कश्मीर का यह दो देशों का आंतरिक मसला है। भारत और पाक को ही इसे सुलझाया जाना है। 

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PWD Minister Vikramaditya Singh said Kashmir is an internal issue of two countries both will solve it
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारतीय सेना की पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई को पूरे देश ने सराहा है। आज पूरा देश भारतीय सेना के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी लोकसभा के विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर स्पेशल सदन बुलाने की बात कही है। पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ है। वर्ष 1971 के बाद ऐसा हुआ है। आतंकियों ने संसद में हमला किया। पठानकोट और मुंबई में भी धमाके किए। कश्मीर के भीतर अटैक किया।

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विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि इस पूरे मामले पर सदन में हो चर्चा होनी चाहिए। भारत और पाक युद्ध मामले में जिस तरह अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में बात कही, इस पर उन्होंने कहा कि कश्मीर का यह दो देशों का आंतरिक मसला है। भारत और पाक को ही इसे सुलझाया जाना है। सदन में सभा विपक्ष और विपक्ष के नेताओं में चर्चा होने पर इस मामले में पूरी स्पष्टता सामने आ जाएगी।
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उन्होंने कहा कि भारत व हिमाचल में तुर्की का सेब आना चिंता का विषय है। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान चीन और तुर्की भारत के खिलाफ दिखे। ऐसे में तुर्की के सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की जरूरत है। जब भी इंपोर्ट ड्यूटी कम होती है तो इसका सबसे ज्यादा असर हिमाचल पर पड़ता है। हिमाचल प्रदेश में सेब से 5000 करोड़ की आर्थिकी है। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान हिमाचल के बागवानों को होता है। चाहे वह सेब चीन से आ रहा हो या अमेरिका से। इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल लोकसभा और राज्य सभा के सांसदों को भी यह मामला उठाना चाहिए। ताकि प्रधानमंत्री इस मामले पर कड़ा संज्ञान लें।

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