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सेब कटान के विरोध में फूटा गुस्सा, DFO की जीप रोकी
ब्यूरो, अमर उजाला, रोहडू
Updated Fri, 04 Mar 2016 11:46 PM IST
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डीएफओ की जीप रोक कर विरोध जताते प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद वन भूमि पर सेब कटान के विरोध में सेब उत्पादक संघ और किसान सभा ने शुक्रवार को रोहडू में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डीएफओ रोहडू की जीप रोक कर विरोध जताया। बाद में पुलिस ने डीएफओ की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों के घेरे से निकाला। इन प्रदर्शनकारियों पर अदालत की अवमानना का मामला चल सकता है।
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बागवानों ने करीब 11 बजे रोहडू के रामलीला मैदान से आंदोलन की रणनीति बनाई। इसके बाद जुलूस निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छोटे गरीब किसानों के लिए कोई स्थायी नीति नहीं बना रही है।
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बागवान नेता राकेश सिंघा ने कहा कि सरकार के मुंह से दोहरी भाषा निकल रही है। इसलिए सेब बगीचों पर बेरोकटोक वन विभाग की आरी चल रही है। आरोप लगाया कि सरकार छोटे गरीब किसानों के भूमि संबंधित मामले न्यायालय में तर्क के साथ नहीं उठा रही है।
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सरकार छोटे और गरीब किसानों के कब्जे वाली भूमि को नियमित करने की व्यवस्था करे। यदि प्रदेश की भूमि को उद्योग के लिए पट्टे पर दिया जा सकता तो बागवानों को उनके कब्जे वाली भूमि लीज पर देने की व्यवस्था की जाए।
कहा कि वन विभाग के अधिकारी अपना कानून चला रहे हैं। बागवानों ने रैली निकालकर चौक पर करीब एक घंटे पर जनसभा को संबोधित किया। उसके बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की गई। एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
डीएफओ की गाड़ी रोककर जताया रोष- करीब दो बजे अतिक्रमण के विरोध में जनसभा चल रही थी। इस दौरान डीएफओ रोहडू चमनलाल राव आवास से कार्यालय की ओर अपनी जीप में जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने डीएफओ की जीप को रोक कर सामने नारेबाजी शुरू की। डीएफओ वाहन से बाहर नहीं उतरे। सामने उपस्थित पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को हटा कर जाप को मौके से आगे निकाला।
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद किया प्रदर्शन- जंगल की जमीन कब्जाने वालों के किसी भी प्रकार के धरने प्रदर्शन पर प्रदेश हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर सरकारी भूमि पर लगाए गए पेड़ों को काटने से रोकने का किसी भी व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल ने प्रयास किया तो उसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।
इसके बावजूद शुक्रवार को रोहड़ू में प्रदर्शन हुआ है। हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों और एनजीओ को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि कानून के खिलाफ जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी को आदेश दिए हैं कि अवैध कब्जे हटाने वाले क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए जाएं।