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Himachal News: 'निलंबन और एफआईआर से प्राथमिक शिक्षक नहीं डरेंगे, मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा क्रमिक अनशन'

Tue, 29 Apr 2025 09:14 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 29 Apr 2025 09:14 PM IST
सार

शिमला में क्रमिक अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षक संघ ने हाईकोर्ट जाने की भी चेतावनी दी है। प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा। 

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primary teachers relay hunger strike continues in himachal shimla Warned to go to High Court
प्राथमिक शिक्षक संघ कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में क्रमिक अनशन पर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि निलंबन और झूठी एफआईआर से 25 हजार प्राथमिक शिक्षक डरने वाले नहीं हैं। आंदोलन को कुचलने के लिए लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा रहे हैं। हड़ताली शिक्षकों ने वार्ता के लिए बुलाने का सरकार से आग्रह करते हुए हाईकोर्ट जाने की भी चेतावनी दी है।
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उधर स्कूल शिक्षा निदेशालय में सोलन जिला के छह प्राथमिक शिक्षक अमित, नसीब चंद, गुरमेल सिंह, जगदीश चंद, कमल कुमार और दौलत राम क्रमिक अनशन पर बैठे। बुधवार दोपहर बजे यह शिक्षक अनशन पर बैठेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला शिमला अध्यक्ष प्रमोद चौहान ने कहा कि शिक्षकों पर झूठे केस बना दिए हैं। आंदोलन को कुचलने के लिए निलंबन किया जा रहा है। सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने के चलते हमने महंगाई भत्ता नहीं मांगा। प्राकृतिक आपदा के दौरान एक दिन का वेतन सरकार के खाते में दिया। शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन पर आवाज उठाई तो अफसरशाही ने नए-नए हथकंड़े अपनना शुरू कर दिया है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। 25 हजार शिक्षकों के निलंबन के लिए भी हम तैयार हैं। 900 शिक्षकों पर एफआईआर कर दी गई। डराने-धमकाने के लिए यह कार्रवाई हो रही है। हम इससे डरने वाले नहीं हैं। शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया जो सरकार बात करने को भी तैयार नहीं है। सचिवालय के समीप चक्का जाम करने वाले पर कोई मामला दर्ज नहीं होता है। चौड़ा मैदान शिमला में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगे रख रहे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई कर दी है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा का अलग निदेशालय होना चाहिए। प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षकों के पदों से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां पहले की तरह रहनी चाहिए। प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षकों का प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन यथावत रखा जाए। मुख्य शिक्षक का पदोन्नति उपरांत मिलने वाले लाभ जारी किए जाएं। 20 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके जेबीटी शिक्षकों को सीएंडवी की तर्ज पर विशेष वेतन वृद्धियां दी जाएं। हायर ग्रेड पे की विसंगतियों के लाभ सभी प्रभावित शिक्षकों को जारी किए जाएं।
 
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