राजनीति: जयराम ठाकुर बोले- अपनी सरकार के चार काम गिनाएं मुख्यमंत्री सुक्खू, भाजपा के गुटों की चिंता छोड़ें
जयराम ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास और जनहित के कार्य ठप हैं तथा मुख्यमंत्री न तो अपना मंत्रिमंडल संभाल पा रहे हैं और न ही पार्टी संगठन को एकजुट रख पा रहे हैं।
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नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लोन प्रिय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भाजपा के गुट गिनाने के बजाय अपनी पार्टी और सरकार संभालने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर टिप्पणी करने से पहले वह अपने चार साल के कार्यकाल के चार काम गिनाएं। जयराम ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास और जनहित के कार्य ठप हैं तथा मुख्यमंत्री न तो अपना मंत्रिमंडल संभाल पा रहे हैं और न ही पार्टी संगठन को एकजुट रख पा रहे हैं। बुधवार को जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की समस्याओं और अपनी सरकार के कामकाज पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार कल्याणकारी राज्य की अवधारणा से हटकर शुल्क की सरकार बनकर रह गई है। मुख्यमंत्री लंबे समय से गुटों की राजनीति करते रहे हैं और अब भी सरकार में सभी को साथ लेकर चलने में नाकाम हैं।
मुख्यमंत्री भाजपा के गुट गिनाकर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे: जयराम
जयराम ने कहा कि मंत्रिमंडल को दरकिनार कर मित्रमंडल के सहारे सरकार चलाने के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री भाजपा के गुट गिनाकर अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने उड़ान योजना के तहत हवाई सेवाएं शुरू करने को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उड़ान केंद्र सरकार की योजना है और इसके तहत हवाई सेवाओं को व्यवहार्य बनाने के लिए दी जाने वाली वायबिलिटी गैप फंडिंग में केंद्र की अहम भूमिका है। ऐसे में मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार के योगदान को स्वीकार करते हुए उसका आभार जताना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार केंद्र से मिलने वाले सहयोग का श्रेय लेने में आगे रहती है, लेकिन केंद्र का नाम लेने से कतराती है। जयराम ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों में केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर केंद्र के योगदान को स्वीकार करना चाहिए।
विकास कार्यों में सुस्ती और जनसमस्याओं की अनदेखी: जयराम
नेता विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर विकास कार्यों में सुस्ती और जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त हुई कई सड़कें अब भी बहाली की प्रतीक्षा कर रही हैं। प्रदेश में नशे की समस्या बढ़ रही है और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जयराम ठाकुर ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और आउटसोर्स भर्ती के मामले में कथित वसूली के आरोपों को लेकर भी सरकार को घेरा। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामियों को उजागर करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को विपक्ष पर राजनीतिक टिप्पणी करने के बजाय रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, नशे और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
राजनीतिक नियुक्तियों के खर्च का हिसाब दे सरकार : श्रीकांत
प्रदेश भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने किन्नौर जिले के सांगला, कल्पा और मूरंग मंडलों की संगठनात्मक बैठकों में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम जनता, कर्मचारी, किसान, बागवान और युवा समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार का ध्यान चुनिंदा लोगों को राजनीतिक लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है। उन्होंने बोर्डों और निगमों में राजनीतिक नियुक्तियों पर होने वाले खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
श्रीकांत ने कहा कि नवंबर 2025 में विधानसभा में दिए लिखित उत्तर के अनुसार, बोर्डों और निगमों में 30 व्यक्तियों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे पदों पर नियुक्त किया था। सरकार को इन पदों पर दिए जाने वाले वेतन, मानदेय, वाहन, कार्यालय और अन्य सुविधाओं पर हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने मार्च 2026 में बोर्डों, निगमों और आयोगों के पदाधिकारियों से कैबिनेट रैंक की सुविधाएं वापस लेने के निर्णय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कितने पदाधिकारियों को कैबिनेट रैंक दिया गया था, कितनों की सुविधाएं वापस ली गईं और इस व्यवस्था पर सरकारी खजाने से कितनी राशि खर्च हुई।
भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो
भाजपा प्रभारी ने भ्रष्टाचार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व पदाधिकारी के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि हर महीने पांच अटैचियों में धन एकत्र करने और उनमें से तीन दिल्ली भेजे जाने संबंधी आरोपों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने इन्हीं आरोपों के संदर्भ में कांग्रेस सरकार को सूटकेस और अटैची वाली सरकार कहा है। सांगला, कल्पा और मूरंग मंडलों की बैठकों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूचियों की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।