{"_id":"679703d8-e943-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"police-is-getting-4-message-of-molestation-everyday","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को हर दिन मिल रहे छेड़खानी के 4 एसएमएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को हर दिन मिल रहे छेड़खानी के 4 एसएमएस
शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2013 03:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देशभर में महिला सुरक्षा के लिए चाहे जैसा माहौल हो, लेकिन प्रदेश पुलिस की
विज्ञापन
एसएमएस सेवा में जो शिकायतें आ रही हैं, उनमें 70 से 80 फीसदी लड़कियों से
छेड़खानी की हैं।
पुलिस ने करीब एक साल पहले एसएमएस सेवा 9459100100 नंबर के जरिये शुरू की थी। इस पर आज भी लड़कियों या महिलाओं की ओर से आने वाली छेड़खानी या दुर्व्यवहार की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं।
पुलिस को एक साल की अवधि में कुल 1406 एसएमएस मिले हैं। यानी हर दिन करीब 4 मैसेज। इनमें 20 गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
हेल्पलाइन नंबर शिमला स्थित पुलिस मुख्यालय से ऑपरेट होता है। जैसे ही पुलिस को एसएमएस पहुंचता है, उसके कुछ ही मिनटों में वही मैसेज संबंधित एसपी, डीएसपी और एसएचओ को भेजा जाता है। आधे घंटे के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को देनी होती है। हेल्पलाइन नंबर पर हर तरह की शिकायत की जा सकती है।
क्राइम के अलावा हादसों, आगजनी या बसों में सफर के दौरान टिकट न देने की, बाजार में चल रही किसी तरह की हेराफेरी की भी शिकायत कर सकते हैं। पुलिस एसएमएस सेवा पर आने वाले संदेश की जानकारी गुप्त रखी जाती है। उन्हीं मामलों में नाम सार्वजनिक होता है, जब प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर भी शिकायतकर्ता के नाम से ही दर्ज होनी हो।
विज्ञापन
एसएमएस के माध्यम से अधिकतर शिकायतें लड़कियों की ओर से आ रही हैं। छेड़खानी या मोबाइल पर एसएमएस भेजकर तंग करना आदि। मुख्यालय से तुरंत संबंधित थाने और एसपी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद आधे घंटे में एक्शन टेकन रिपोर्ट डीजीपी को देनी होती है। - सतवंत अटवाल. डीआईजी साइबर क्राइम, पुलिस मुख्यालय।
पुलिस ने करीब एक साल पहले एसएमएस सेवा 9459100100 नंबर के जरिये शुरू की थी। इस पर आज भी लड़कियों या महिलाओं की ओर से आने वाली छेड़खानी या दुर्व्यवहार की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं।
पुलिस को एक साल की अवधि में कुल 1406 एसएमएस मिले हैं। यानी हर दिन करीब 4 मैसेज। इनमें 20 गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
हेल्पलाइन नंबर शिमला स्थित पुलिस मुख्यालय से ऑपरेट होता है। जैसे ही पुलिस को एसएमएस पहुंचता है, उसके कुछ ही मिनटों में वही मैसेज संबंधित एसपी, डीएसपी और एसएचओ को भेजा जाता है। आधे घंटे के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को देनी होती है। हेल्पलाइन नंबर पर हर तरह की शिकायत की जा सकती है।
विज्ञापन
क्राइम के अलावा हादसों, आगजनी या बसों में सफर के दौरान टिकट न देने की, बाजार में चल रही किसी तरह की हेराफेरी की भी शिकायत कर सकते हैं। पुलिस एसएमएस सेवा पर आने वाले संदेश की जानकारी गुप्त रखी जाती है। उन्हीं मामलों में नाम सार्वजनिक होता है, जब प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर भी शिकायतकर्ता के नाम से ही दर्ज होनी हो।
विज्ञापन
एसएमएस के माध्यम से अधिकतर शिकायतें लड़कियों की ओर से आ रही हैं। छेड़खानी या मोबाइल पर एसएमएस भेजकर तंग करना आदि। मुख्यालय से तुरंत संबंधित थाने और एसपी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद आधे घंटे में एक्शन टेकन रिपोर्ट डीजीपी को देनी होती है। - सतवंत अटवाल. डीआईजी साइबर क्राइम, पुलिस मुख्यालय।