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NEET Paper Leak: हिमाचल के 13,039 विद्यार्थियों ने दिया था नीट, परीक्षा रद्द होने से आक्रोश

Wed, 13 May 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 13 May 2026 05:00 AM IST
सार

 परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। इसे लेकर  बच्चों में आक्रोश है।

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NEET Paper Leak: 13,039 Himachal candidates to reappear, anger over exam cancellation
राजीव पंडित, अभ्यर्थी मृदुल शर्मा व सानिया सिंगला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नीट रद्द होने से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हिमाचल प्रदेश के 13,039 विद्यार्थियों को भी बड़ा झटका लगा है। अब उन्हें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) दोबारा देनी होगी। तीन मई को प्रदेश के आठ परीक्षा केंद्रों में नीट का आयोजन हुआ। उसके बाद अब विद्यार्थी परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे थे और आगे की काउंसलिंग की तैयारी में जुटे थे। परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक तैयारी कर परीक्षा दी थी और अब दोबारा परीक्षा देने से मानसिक दबाव बढ़ेगा। विद्यार्थियों ने अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ की भी बात कही है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील मामले में व्यवस्थाओं में कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। कई छात्रों ने दोबारा परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने की मांग की है, ताकि तैयारी की रणनीति बनाई जा सके। अभिभावकों का कहना है कि दोबारा परीक्षा के कारण विद्यार्थियों की तैयारी और प्रवेश प्रक्रिया की समय सीमा प्रभावित हो सकती है।

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नीट की परीक्षा रद्द होने से बच्चों में आक्रोश, बोले-फिर करनी होगी तैयारी
एनटीए ने नीट-2026 का पेपर लीक होने के बाद मंगलवार को परीक्षा रद्द कर दी है। एनटीए के इस फैसले के बाद शिमला में नीट का पेपर दे चुके विद्यार्थियोंऔर अभिभावकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शिमला में एनटीए ने 3738 विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए थे। इनमें से 3627 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। अभ्यर्थियों  ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि नीट का पेपर रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कई छात्रों के अभिभावकों ने बताया कि नीट का पेपर लीक होना एक बार की बात नहीं है। नीट के पेपर लीक होने की घटनाएं बार-बार होना चिंता का विषय है। पेपर के रद्द होने से छात्रों की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं से उनकी मानसिक स्थिति, मेहनत, समय और आर्थिक स्थिति सभी पर असर पड़ता है। विद्यार्थियों का कहना है कि जिन बच्चों का पेपर अच्छा हुआ था उन्होंने पढ़ाई से ब्रेक ले लिया था लेकिन अब दोबारा पढ़ाई करनी पड़ेगी। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगानी होगी। राजधानी शिमला में एनटीए ने नीट की परीक्षा के लिए 9 केंद्र स्थापित किए थे। 

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तय होनी चाहिए जिम्मेदारी: पंडित
शिमला निवासी राजीव पंडित ने बताया कि उनके बेटे ने नीट की परीक्षा दी थी। बच्चे को उम्मीद थी कि इस बार अच्छे रैंक के साथ परीक्षा पास होगी। आज अचानक पता चला कि पेपर लीक हो गया। नीट का पेपर बार-बार लीक होना चिंता का विषय है। पेपर लीक के लिए किसी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि यदि पेपर लीक हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
 

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दो साल साल तैयारी के बाद दिया था पेपर: मृदुल शर्मा
अभ्यर्थी मृदुल शर्मा ने कहा कि दो साल से नीट की तैयारी कर रहा था। उम्मीद थी कि इस बार उनके 690 अंक आ सकते हैं और उन्हें अच्छे संस्थान में एडमिशन मिलेगी। पेपर अच्छा होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी रिजल्ट का इंतजार था लेकिन अब पेपर रद्द होने के बाद परीक्षा की तैयारी दोबारा करनी पड़ेगी।

इस बार पेपर क्लीयर होने की थी उम्मीद:  सानिया सिंगला
अभ्यर्थी सानिया सिंगला ने कहा कि इस बार पेपर ठीक हुआ था। उम्मीद थी कि पेपर क्लीयर हो जाएगा। पेपर के लिए दो साल से तैयारी की थी। पेपर हुए काफी दिन हो गए पढ़ाई का रूटीन टूट गया था। दोबारा रूटीन बनाना मुश्किल होता है। पेपर इस बार लंबा आया था लेकिन अब डर लग रहा है कि एनटीए पेपर मुश्किल डालेगा।

मेहनत पर फिर गया पानी : पार्थ
ओल्ड बस स्टैंड निवासी पार्थ पंडित ने कहा कि मेरी मेहनत पर पानी फिर गया। पेपर अच्छा हुआ था और जब चेक किया तो नंबर 686 बन रहे थे। अब दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी।

कई महीने से की थी तैयारी: कशिश
कुमारसैन निवासी कशिश ने कहा कि कई महीने से परीक्षा की तैयारी की थी। इस बार उम्मीद थी कि अच्छे अंक आएंगे, अब पता चला है कि परीक्षा ही रद्द हो गई है, यह गलत है। इस तरह अचानक पेपर रद्द होने से छात्रों का मनोबल गिरेगा।

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