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तो इसलिए हुआ था किन्नौर में हुए लामा का मर्डर
अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 30 Jan 2014 11:42 AM IST
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स्टेट सीआईडी के क्राइम विंग ने किन्नौर के तीरासंग गोंपा के लामा दोरजा लंडुप (पुजारी) की हत्या का मामला सुलझा लिया है। 14 नवंबर, 2013 में हुए ब्लाइंड मर्डर में सीआईडी ने मुख्य आरोपी सहित तीन को गिरफ्तार किया है।
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मुख्य आरोपी नेपाल निवासी केएस थापा और दो साथी बुधवार को धरे गए। सीआईडी फिलहाल दोनों आरोपियों के नाम और गिरफ्तारी स्थल के बारे में खुलासा नहीं कर रही है।
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लामा की हत्या क्यों की गई और आरोपियों के लामा से क्या संबंध थे? इसका खुलासा पूछताछ के बाद ही होगा।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लामा की हत्या कर उसे गोंपा में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए। आरोपी लामा की कलाई से घड़ी, कुछ चांदी के सिक्के, मोबाइल सहित अन्य चीजें ले गए थे।
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हत्या के 40 दिन बाद किन्नौर पुलिस मामले में जांच के किसी नतीजे पर नहीं पहुंची तो लोगों की मांग पर यह मामला 23 दिसंबर, 2013 को सीआईडी क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। करीब 38 दिन बाद सीआईडी ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने में सफल रही।
सीआईडी ने सबसे पहले हत्या के समय इस्तेमाल की गई टैक्सी का पता लगाया। इसके बाद कई सुराग सीआईडी की जांच टीम के हाथ लगे। बुधवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब इन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड लिया जाएगा।
आईजी सीआईडी क्राइम सतवंत अटवाल ने बताया कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। हत्या के कारणों सहित कई तथ्य अभी जानने बाकी हैं। जांच चल रही है। एक-दो दिन में सारी स्थिति स्पष्ट होगी।