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Himachal News: मुकेश अग्निहोत्री बोले- पूजा पद्धति में गुणवत्ता लाएंगे, मंदिरों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ेंगे
Tue, 22 Jul 2025 08:48 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 22 Jul 2025 08:48 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पारंपरिक पूजा पद्धति में गुणवत्ता लाने और मंदिरों को डिजिटल प्रणाली से जोड़कर व्यवस्थित बनाया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
भाषा, कला और संस्कृति विभाग का जिम्मा संभाल रहे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 550 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। पारंपरिक पूजा पद्धति में गुणवत्ता लाने और मंदिरों को डिजिटल प्रणाली से जोड़कर व्यवस्थित बनाया जाएगा। पूजा विधि एवं मंत्रोच्चारण में शुद्धता लाने के लिए 5 से 25 फरवरी 2025 तक श्री चिंतपूर्णी मंदिर के 15 तथा माता श्रीनैना देवी मंदिर के 10 पुजारियों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत संकाय में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। भविष्य में अन्य मंदिर न्यासों के पुजारियों को भी चरणबद्ध तरीके से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित और प्रसारित किया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक उत्सवों, डिजिटल प्लेटफार्मों, दस्तावेजीकरण, प्रदर्शनियों से हिमाचल की लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, शिल्प और रीति-रिवाजों को साझा किया जाएगा। इससे न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा, बल्कि युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना भी प्रबल होगी। यह साझा सांस्कृतिक संवाद देश की एकता और विविधता में अद्वितीय योगदान देगा।
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सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित और प्रसारित किया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक उत्सवों, डिजिटल प्लेटफार्मों, दस्तावेजीकरण, प्रदर्शनियों से हिमाचल की लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, शिल्प और रीति-रिवाजों को साझा किया जाएगा। इससे न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा, बल्कि युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना भी प्रबल होगी। यह साझा सांस्कृतिक संवाद देश की एकता और विविधता में अद्वितीय योगदान देगा।
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अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार की ओर से लगभग 50 करोड़ रुपये की राशि प्राचीन मंदिरों, किलों और पुरातात्विक महत्त्व के स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत की गई है। राज्य के अधिगृहीत मंदिरों में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए 37 करोड़ रुपये का सहायता अनुदान दिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माता श्रीचिंतपूर्णी मंदिर में 8 अगस्त 2023 से सुगम दर्शन प्रणाली शुरू की गई है, जिससे प्रभावी भीड़ प्रबंधन सहित वृद्धजनों और दिव्यांगों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है। सरकार की ओर से 250 करोड़ रुपये से माता के भव्य भवन का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने माता श्री ज्वालाजी और माता श्री नैना देवी मंदिरों के लिए भी 100-100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।