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Mandi News: जिप सदस्य विकास कार्य में खर्च राशि की रिपोर्ट पर अड़े, डीपीओ बोले- सोमवार को मिल जाएगी
Sat, 22 Mar 2025 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 22 Mar 2025 11:42 PM IST
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मंडी में जिला परिषद भवन में आयोजित जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में मौजूद सदस्य। संवाद
मंडी। मंडी जिला परिषद की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में शनिवार को जिला पार्षद अपने कार्यकाल के दौरान पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि की ब्योरा रिपोर्ट एक घंटे में देने पर अड़ गए।
रिवालसर की पार्षद प्रियंता शर्मा की ओर से रखी मांग का सभी पार्षदों ने समर्थन किया। कहा 2020-21 से वह जिला परिषद हैड से पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पैसा दे रहे हैं। अधिकारियों से 36 बार पूछ चुके हैं कि यह राशि कहां खर्च हुई है। किस पार्षद के वार्ड में कितनी राशि अब तक खर्च हुई है। वहीं, पंचायतों में जिला परिषद हैड से जो काम हो रहे हैं उन पर आय-व्यय का ब्योरा और नाम डिस्प्ले करने में पंचायत प्रधान आनाकानी कर रहे हैं।
इस पर जिला पंचायत अधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की रिपोर्ट सोमवार के बाद पार्षद एप पर देख सकेंगे। जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न कार्य को लेकर मंथन किया गया। जिले में अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनरेगा योजना के तहत 2155 करोड़ रुपये के शेल्फ अनुमोदित किए गए। इसके अतिरिक्त 919 लाख रुपये के 154 शेल्फ का अनुमोदन भी किया। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल, जिला परिषद के अन्य सदस्य, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा आदि मौजूद रहे।
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ब्लॉक स्तर की बैठकों में नहीं बुलाने का पार्षदों ने जड़ा आरोप
जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा समेत अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक समिति की बैठकों में उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। पाल वर्मा ने कहा कि उनके ही ब्लॉक में बैठक थी, जबकि उन्हें फोन पर भी संदेश नहीं दिया गया। कई पार्षदों ने ऐसी ही समस्या को उजागर किया। मौके पर अधिकारी ने कहा कि पत्र के माध्यम से बुलाया जा रहा है। आगे ध्यान रखा जाएगा। बैठक में जोगिंद्रनगर के पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता नरारद रहे।
आरोप- केंद्र ने ग्रांट भेजी, प्रदेश सरकार ने रोकी
पार्षदों ने आरोप लगाया कि 2022-23 में फाइनांस कमीशन से जो ग्रांट आई थी, उसका कुछ फंड शेष रह गया है। 2024-25 में भी केंद्र सरकार ने दो किस्तें भेज दी हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने इन्हें रोक लिया है। पार्षदों ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अगले दस दिन में इस ग्रांट को जारी करने की मांग की।
कोट्स
बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर चर्चा की गई। बैठक में चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों को विकास कार्य समय पर पूरा करने के लिए आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
-पाल वर्मा, अध्यक्ष, जिला परिषद, मंडी
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रिवालसर की पार्षद प्रियंता शर्मा की ओर से रखी मांग का सभी पार्षदों ने समर्थन किया। कहा 2020-21 से वह जिला परिषद हैड से पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पैसा दे रहे हैं। अधिकारियों से 36 बार पूछ चुके हैं कि यह राशि कहां खर्च हुई है। किस पार्षद के वार्ड में कितनी राशि अब तक खर्च हुई है। वहीं, पंचायतों में जिला परिषद हैड से जो काम हो रहे हैं उन पर आय-व्यय का ब्योरा और नाम डिस्प्ले करने में पंचायत प्रधान आनाकानी कर रहे हैं।
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इस पर जिला पंचायत अधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की रिपोर्ट सोमवार के बाद पार्षद एप पर देख सकेंगे। जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न कार्य को लेकर मंथन किया गया। जिले में अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनरेगा योजना के तहत 2155 करोड़ रुपये के शेल्फ अनुमोदित किए गए। इसके अतिरिक्त 919 लाख रुपये के 154 शेल्फ का अनुमोदन भी किया। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल, जिला परिषद के अन्य सदस्य, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा आदि मौजूद रहे।
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ब्लॉक स्तर की बैठकों में नहीं बुलाने का पार्षदों ने जड़ा आरोप
जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा समेत अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक समिति की बैठकों में उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। पाल वर्मा ने कहा कि उनके ही ब्लॉक में बैठक थी, जबकि उन्हें फोन पर भी संदेश नहीं दिया गया। कई पार्षदों ने ऐसी ही समस्या को उजागर किया। मौके पर अधिकारी ने कहा कि पत्र के माध्यम से बुलाया जा रहा है। आगे ध्यान रखा जाएगा। बैठक में जोगिंद्रनगर के पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता नरारद रहे।
आरोप- केंद्र ने ग्रांट भेजी, प्रदेश सरकार ने रोकी
पार्षदों ने आरोप लगाया कि 2022-23 में फाइनांस कमीशन से जो ग्रांट आई थी, उसका कुछ फंड शेष रह गया है। 2024-25 में भी केंद्र सरकार ने दो किस्तें भेज दी हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने इन्हें रोक लिया है। पार्षदों ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अगले दस दिन में इस ग्रांट को जारी करने की मांग की।
कोट्स
बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर चर्चा की गई। बैठक में चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों को विकास कार्य समय पर पूरा करने के लिए आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
-पाल वर्मा, अध्यक्ष, जिला परिषद, मंडी

मंडी में जिला परिषद भवन में आयोजित जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में मौजूद सदस्य। संवाद