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Mandi News: सरकारी रुतबे और कॉरपोरेट चकाचौंध से दूर हो रहे युवा

Thu, 22 Oct 2026 12:19 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:19 AM IST
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Young people are turning away from government prestige and the glitz of the corporate world.
भारत के 20 प्रतिशत से अधिक कॉलेज विद्यार्थियों ने शुरू किया अपना व्यवसाय, वैश्विक औसत के बराबर
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आईआईटी मंडी की की ओर से जारी विद्यार्थी उद्यमिता संबंधी राष्ट्रीय सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025 में खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी

मंडी। देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले हर 100 में से 22 विद्यार्थी अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। इनमें से 35.5 प्रतिशत को नियमित बिक्री से कमाई भी हो रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी की ओर से जारी विद्यार्थी उद्यमिता संबंधी राष्ट्रीय सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विद्यार्थी उद्यमियों का अनुपात 22 प्रतिशत है, जो वैश्विक औसत 23 प्रतिशत के करीब है। वहीं, 43 प्रतिशत विद्यार्थी अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। इससे स्पष्ट है कि युवाओं में नौकरी पाने के साथ-साथ खुद का व्यवसाय खड़ा करने की आकांक्षा भी बढ़ रही है।
आईआईटी मंडी के प्रबंधन अध्ययन विद्यालय ने बंगलूरू स्थित रेवा विश्वविद्यालय के सहयोग से यह रिपोर्ट तैयार की है। सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच किए गए सर्वेक्षण में देश के 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 1,200 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के 25,783 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। हम विद्यार्थी उद्यमियों को कैसे तैयार करें.. शीर्षक वाली यह रिपोर्ट 9 अक्तूबर को मोहाली में आयोजित भारतीय प्रबंधन विद्यालय व्यवसाय सम्मेलन 2026 के दौरान जारी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों का अनुपात 2023 में 14 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गया। इसके विपरीत, सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक विद्यार्थियों का अनुपात 12.7 प्रतिशत से घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया। वहीं, बड़ी कंपनियों में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा भी 31.3 प्रतिशत से गिरकर 27.4 प्रतिशत पर आ गया।
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रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जिन विद्यार्थियों के रिश्तेदारों, मित्रों, सहपाठियों या शिक्षकों में कोई उद्यमी है, उनके अपना व्यवसाय शुरू करने की संभावना अन्य विद्यार्थियों की तुलना में तीन गुना अधिक है। कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं और पुरुषों का अनुपात लगभग समान है। हालांकि, इस इच्छा को हकीकत में बदलने के मामले में अंतर दिखाई देता है। उद्यम शुरू करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं में से 45 प्रतिशत ने वास्तव में अपना कारोबार शुरू किया, जबकि पुरुषों में यह अनुपात 53 प्रतिशत रहा।
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सफल उद्यमियों से जुड़ाव और पहली बिक्री पर जोर
रिपोर्ट के प्रमुख लेखक और आईआईटी मंडी के प्रबंधन अध्ययन विद्यालय में सहायक प्राध्यापक डॉ. पूरन सिंह ने कहा कि भारतीय विद्यार्थी दुनिया के अन्य देशों के विद्यार्थियों की तरह ही महत्वाकांक्षी हैं। पाठ्यक्रम, विशेष उद्यमिता कार्यक्रम और परिसर में स्थापित उद्यम संवर्धन केंद्र विद्यार्थियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने में सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। अब जरूरत विद्यार्थियों को सफल उद्यमियों से जोड़ने और शुरुआती स्तर पर ही अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की है।

रेवा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. पी. श्यामा राजू ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को नौकरी के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार सृजित करने वाला बनाना भी है।
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