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Mandi News: न जच्चा-बच्चा कार्ड, न टीकाकरण, बच्चे को दिया जन्म
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प्रसव के बाद मां अस्पताल में की भर्ती, बाल विवाह रोकथाम अधिकारी ने मांगी रिपोर्ट
डिजिटल पर न चलाएं....
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मनाली से लौटने के बाद प्रसव पीड़ा उठने पर एक युवती ने बच्चे को जन्म दे दिया। हैरानी की बात यह है कि प्रसूता के पास न तो जच्चा-बच्चा कार्ड मिला है और न ही गर्भावस्था के दौरान हुए किसी टीकाकरण का रिकॉर्ड उपलब्ध है। इस मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि युवती करीब नौ माह तक मनाली में अपने कथित पति के साथ रही थी। इसके बाद वह अपने घर लौटी। घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। अब प्रशासन युवती की वास्तविक आयु की पुष्टि करने में जुटा है। प्रारंभिक जांच में कुछ प्रमाणपत्रों में उसकी जन्मतिथि वर्ष 2009 दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अधिकारी पंचायत की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेखों के आधार पर उसकी उम्र की पुष्टि करना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि युवती सदर क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि उसे अपने साथ ले जाने वाला युवक द्रंग क्षेत्र का निवासी है। इस मामले में चाइल्ड हेल्पलाइन को नाबालिग की ओर से बच्चे को जन्म देने की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी गई। बाल विवाह रोकथाम अधिकारी कुंदन हाजरी ने बताया कि पंचायत सचिव से जन्म संबंधी अभिलेख और रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही युवती की वास्तविक आयु स्पष्ट हो पाएगी। यदि जांच में युवती के नाबालिग होने की पुष्टि होती है तो बाल विवाह निषेध कानून समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मनाली से लौटने के बाद प्रसव पीड़ा उठने पर एक युवती ने बच्चे को जन्म दे दिया। हैरानी की बात यह है कि प्रसूता के पास न तो जच्चा-बच्चा कार्ड मिला है और न ही गर्भावस्था के दौरान हुए किसी टीकाकरण का रिकॉर्ड उपलब्ध है। इस मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि युवती करीब नौ माह तक मनाली में अपने कथित पति के साथ रही थी। इसके बाद वह अपने घर लौटी। घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। अब प्रशासन युवती की वास्तविक आयु की पुष्टि करने में जुटा है। प्रारंभिक जांच में कुछ प्रमाणपत्रों में उसकी जन्मतिथि वर्ष 2009 दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अधिकारी पंचायत की ओर से जारी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेखों के आधार पर उसकी उम्र की पुष्टि करना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि युवती सदर क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि उसे अपने साथ ले जाने वाला युवक द्रंग क्षेत्र का निवासी है। इस मामले में चाइल्ड हेल्पलाइन को नाबालिग की ओर से बच्चे को जन्म देने की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी गई। बाल विवाह रोकथाम अधिकारी कुंदन हाजरी ने बताया कि पंचायत सचिव से जन्म संबंधी अभिलेख और रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही युवती की वास्तविक आयु स्पष्ट हो पाएगी। यदि जांच में युवती के नाबालिग होने की पुष्टि होती है तो बाल विवाह निषेध कानून समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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