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सैकड़ों किसान महिलाओं ने रखा उपवास
मंडी।
Updated Sat, 02 Apr 2016 04:41 PM IST
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टिहरा क्षेत्र में किसान सभा के अनशन का समर्थन कर उपवास पर बैठे स्थानीय लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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टिहरा (मंडी)। उप तहसील टिहरा को संधोल में शामिल करने के विरोध में जारी क्रमिक अनशन को क्षेत्र की सैकड़ों महिला किसानों ने भी उपवास रख कर समर्थन दिया है। हिमाचल किसान सभा टिहरा के बैनर तले गत दस दिनों से किसान क्रमिक अनशन पर डटे हुए हैं लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। मांगों पर सुनवाई न होने की सूरत में किसानों ने आंदोलन को और तेज करने की प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है।
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हिमाचल किसान सभा टिहरा उपतहसील को संधोल में शामिल नहीं करने, टिहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वरिष्ठ डाक्टर की नियुक्ति करने, एक्सरे और अन्य टेस्ट सुविधा देने, सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए किसानों ने क्रमिक अनशन का रास्ता अख्तियार किया है।
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दस दिनों से लगातार किसान अनशन पर डटे हैं। सभा के खंड अध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि किसान क्रमिक अनशन पर हैं लेकिन किसानों की मांगों पर सरकार कोई गौर नहीं कर रही है। 15 अप्रैल हिमाचल दिवस को किसान सभा रोष दिवस के रूप में मनाएगी। इस दिन सज्याओपिपलू, चोलथरा और टिहरा में किसान काले बिल्ले लगाकर धरना देंगे।
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जिनमें सज्याओपिपलू में डरवाड़ और सज्याओपिपलु, चोलथरा में संधोट और ग्रयोह, टिहरा में कोट, तनिहार और ग्रौडू के लोग भाग लेंगे। किसान सभा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रणताज राणा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद ठाकुर ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के कुछ नेता किसान सभा के इस अनशन को आधारहीन करार दे रहे हैं, यह निंदनीय है। उन्होंने सरकार से किसानों की सुध लेने की मांग की है। कहा कि अभी आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा हैं लेकिन अगर किसानों की मांगों पर गौर नहीं किया जाता है तो किसानों का आंदोलन और उग्र रूप ले लेगा। किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल आठ अप्रैल को स्वास्थ्य और राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह से भी मुलाकात करेगा।