{"_id":"62bc91c2bf257f4fb4761755","slug":"woman-falling-from-linten-referred-to-tanda-hospital-in-critical-condition-mandi-news-sml413683238","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेंटर से गिरकर महिला, गंभीर हालत में टांडा अस्पताल रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेंटर से गिरकर महिला, गंभीर हालत में टांडा अस्पताल रेफर
विज्ञापन
घर के लेंटर से गिरी महिला को अस्पताल में उपचार दिलाने में जुटे परिजन। संवाद
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर(मंडी)। उपमंडल में दो अलग-अलग हादसों में एक महिला और व्यक्ति गंभीर रूप में घायल हो गए हैं। दोनों घायलों को जोगिंद्रनगर अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर टांडा अस्पताल रेफर किया है।
पहले हादसे में नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड दो निचला गरोडू में घर के लैंटर में पौधों को पानी दे रही महिला नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर लाया गया। गंभीर हालत में उसे टांडा रेफर किया गया है। घायल महिला की पहचान इंदु देवी 40 के रूप में हुई है।
दूसरे हादसे में मझारनू के नेर गांव में मंगलवार देर सांप के डसने से एक व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। उसे जोगिंद्रनगर अस्पताल लाया गया। नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भी टांडा मेडिकल अस्पताल रेफर करना पड़ा।
विज्ञापन
व्यक्ति की पहचान सौंफी राम निवासी नेर के रूप में हुई है। दोनों वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जब घायलों की हालत में सुधार नहीं आया तो उन्हें टांडा भेजना पड़ा।
विज्ञापन
पहले हादसे में नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड दो निचला गरोडू में घर के लैंटर में पौधों को पानी दे रही महिला नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर लाया गया। गंभीर हालत में उसे टांडा रेफर किया गया है। घायल महिला की पहचान इंदु देवी 40 के रूप में हुई है।
विज्ञापन
दूसरे हादसे में मझारनू के नेर गांव में मंगलवार देर सांप के डसने से एक व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। उसे जोगिंद्रनगर अस्पताल लाया गया। नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भी टांडा मेडिकल अस्पताल रेफर करना पड़ा।
विज्ञापन
व्यक्ति की पहचान सौंफी राम निवासी नेर के रूप में हुई है। दोनों वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जब घायलों की हालत में सुधार नहीं आया तो उन्हें टांडा भेजना पड़ा।