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जनवरी में बोर्ड कार्यालय का करेंगे घेराव : भूपेंद्र
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मंडी में मनरेगा एवं निर्माण मजदूर यूनियन की बैठक, श्रमिकों को तीन साल से नहीं मिले लाभ
राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में स्थायी सचिव तैनात करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में तीन साल से एक लाख श्रमिकों के लाभ जारी नहीं हो पाए हैं। इसके विरोध में जनवरी के दूसरे सप्ताह शिमला में बोर्ड के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। सीटू से संबंधित मनरेगा एवं निर्माण मजदूर यूनियन राज्य कमेटी की बैठक में महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की इकाइयों में 80 प्रतिशत रोजगार हिमाचल के मजदूरों को दिया जाना चाहिए। कामरेड तारा चंद भवन में राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को बैठक हुई।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों का नवीनीकरण, पंजीकरण और अन्य वित्तीय लाभों के आवेदनों को जिलों और बोर्ड राज्य कार्यालय में समय पर नहीं लिया जा रहा है। बोर्ड की पांच अगस्त को हुई बैठक में मजदूरों के नवीनीकरण की समय सीमा एक वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उसकी अधिसूचना अभी तक भी जारी नहीं की गई है। इससे 70 प्रतिशत पंजीकृत मजदूर आज बोर्ड के सदस्य नहीं हैं। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकार बोर्ड का स्थायी सचिव और कार्यकारी अधिकारी लगाए।कहा कि बोर्ड के राज्य कार्यालय में खाली पदों को भरा नहीं जा रहा है। इस कारण मजदूरों की वित्तीय सहायता समय पर जारी नहीं हो रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनियन 31 दिसंबर तक सभी जिला कमेटियों की बैठकें आयोजित कर 1 जनवरी से जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इसमें मनरेगा मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 400 रुपये मजदूरी की मांग के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मार्च में शिमला में रैली आयोजित की जाएगी। इससे पहले गांव-गांव में मजदूरों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक में राजेश शर्मा, चमन लाल, राम चंद, मिलाप चंद, रंजन शर्मा, कुलदीप डोगरा, अमित कुमार, केवल कुमार, गोपेंद्र कुमार आदि ने भाग लिया।
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राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में स्थायी सचिव तैनात करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में तीन साल से एक लाख श्रमिकों के लाभ जारी नहीं हो पाए हैं। इसके विरोध में जनवरी के दूसरे सप्ताह शिमला में बोर्ड के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। सीटू से संबंधित मनरेगा एवं निर्माण मजदूर यूनियन राज्य कमेटी की बैठक में महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की इकाइयों में 80 प्रतिशत रोजगार हिमाचल के मजदूरों को दिया जाना चाहिए। कामरेड तारा चंद भवन में राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को बैठक हुई।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों का नवीनीकरण, पंजीकरण और अन्य वित्तीय लाभों के आवेदनों को जिलों और बोर्ड राज्य कार्यालय में समय पर नहीं लिया जा रहा है। बोर्ड की पांच अगस्त को हुई बैठक में मजदूरों के नवीनीकरण की समय सीमा एक वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उसकी अधिसूचना अभी तक भी जारी नहीं की गई है। इससे 70 प्रतिशत पंजीकृत मजदूर आज बोर्ड के सदस्य नहीं हैं। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकार बोर्ड का स्थायी सचिव और कार्यकारी अधिकारी लगाए।कहा कि बोर्ड के राज्य कार्यालय में खाली पदों को भरा नहीं जा रहा है। इस कारण मजदूरों की वित्तीय सहायता समय पर जारी नहीं हो रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनियन 31 दिसंबर तक सभी जिला कमेटियों की बैठकें आयोजित कर 1 जनवरी से जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इसमें मनरेगा मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 400 रुपये मजदूरी की मांग के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मार्च में शिमला में रैली आयोजित की जाएगी। इससे पहले गांव-गांव में मजदूरों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक में राजेश शर्मा, चमन लाल, राम चंद, मिलाप चंद, रंजन शर्मा, कुलदीप डोगरा, अमित कुमार, केवल कुमार, गोपेंद्र कुमार आदि ने भाग लिया।
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