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Mandi News: फर्श पर इंतजार, ओपीडी में ताला
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नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में फर्श में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
विशेषज्ञ चिकित्सकों के बिना मरीज बेहाल
जोगिंद्रनगर अस्पताल में मेडिसिन, शल्य और गायनी ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का संकट शनिवार को फिर सामने आया। मेडिसिन, शल्य चिकित्सा और गायनी ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में भीड़ इतनी अधिक रही कि कई मरीज फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। वहीं, सामान्य ओपीडी में भी उपचार के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे मरीजों और तीमारदारों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
मरीजों के परिजनों अजय, सुनील, विमला और मुनीश ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब साढ़े नौ बजे पंजीकरण करवाया था, लेकिन दोपहर तक मेडिसिन और शल्य चिकित्सा ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाए। इसके चलते मरीजों को सामान्य ओपीडी में उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भीड़ और चिकित्सकों की कमी के कारण कई मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ गंभीर मरीज ओपीडी के बाहर ही असहाय अवस्था में दिखाई दिए।
शनिवार को अस्पताल में उपचार के लिए करीब 200 मरीज पहुंचे। पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी केवल तीन चिकित्सकों के कंधों पर रही। भर्ती मरीजों में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों के साथ-साथ ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का दबाव भी इन्हीं चिकित्सकों को संभालना पड़ा।
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इस संबंध में नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद अस्पताल प्रशासन सभी मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है।
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जोगिंद्रनगर अस्पताल में मेडिसिन, शल्य और गायनी ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का संकट शनिवार को फिर सामने आया। मेडिसिन, शल्य चिकित्सा और गायनी ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में भीड़ इतनी अधिक रही कि कई मरीज फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। वहीं, सामान्य ओपीडी में भी उपचार के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे मरीजों और तीमारदारों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
मरीजों के परिजनों अजय, सुनील, विमला और मुनीश ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब साढ़े नौ बजे पंजीकरण करवाया था, लेकिन दोपहर तक मेडिसिन और शल्य चिकित्सा ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाए। इसके चलते मरीजों को सामान्य ओपीडी में उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भीड़ और चिकित्सकों की कमी के कारण कई मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ गंभीर मरीज ओपीडी के बाहर ही असहाय अवस्था में दिखाई दिए।
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शनिवार को अस्पताल में उपचार के लिए करीब 200 मरीज पहुंचे। पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी केवल तीन चिकित्सकों के कंधों पर रही। भर्ती मरीजों में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों के साथ-साथ ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का दबाव भी इन्हीं चिकित्सकों को संभालना पड़ा।
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इस संबंध में नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद अस्पताल प्रशासन सभी मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है।