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Mandi News: राजबन त्रासदी में दिन-रात बचाव कार्य में जुटे ग्रामीण
Mon, 05 Aug 2024 05:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 05 Aug 2024 05:34 AM IST
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चौहार घाटी के राजबन में सर्च आपरेशन के दौरान पूर्व प्रधान ओम प्रकाश। संवाद
पधर (मंडी)। प्राकृतिक त्रासदी से प्रभावित राजबन गांव में चल रहे सर्च अभियान में ग्रामीणों के साथ ही धमच्चयाण पंचायत के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर दिन-रात मोर्चे पर डटे हुए हैं। ओम प्रकाश ठाकुर चाहते हैं कि यह अभियान शीघ्र पूरा हो और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिले।
पूर्व प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर सुबह पांच बजे प्रभावित गांव में पहुंचकर रेस्क्यू टीमों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को हौसला दे रहे हैं। ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में उन्होंने पहली बार इस प्रकार की त्रासदी देखी है। इस घटना ने गांव के भोले-भाले लोगों को स्थायी रूप से जख्म दिए हैं।
उन्होंने कहा कि घटना के दिन ही वह रात को राजबन गांव पहुंच गए थे। गांव के लोगों की मदद से घायल राम सिंह और मोहन सिंह को पालकी में लगभग 10 किलोमीटर दूर टिक्कन और थल्टूखोड़ पहुंचाया। इसके साथ ही प्रशासन को तुरंत सूचना दी और घायलों की स्थिति की नियमित अपडेट ली। उन्होंने कहा कि दोनों घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है।
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उन्होंने बताया कि रेस्क्यू अभियान में प्रशासन की पूरी मदद मिल रही है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देगन, एडीएम मदन कुमार, एसडीएम पधर डॉ. भावना वर्मा, डीएसपी पधर दिनेश कुमार और एनडीआरएफ टीम के लीडर लगातार अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ओम प्रकाश ठाकुर ने यह भी कहा कि गांव में इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद अभी तक कोई भी जन प्रतिनिधि राजबन गांव नहीं पहुंचा है। अभी तक दो लोग लापता हैं और लगातार उनकी तलाश में अभियान चलाया जा रहा है।
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पूर्व प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर सुबह पांच बजे प्रभावित गांव में पहुंचकर रेस्क्यू टीमों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को हौसला दे रहे हैं। ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में उन्होंने पहली बार इस प्रकार की त्रासदी देखी है। इस घटना ने गांव के भोले-भाले लोगों को स्थायी रूप से जख्म दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि घटना के दिन ही वह रात को राजबन गांव पहुंच गए थे। गांव के लोगों की मदद से घायल राम सिंह और मोहन सिंह को पालकी में लगभग 10 किलोमीटर दूर टिक्कन और थल्टूखोड़ पहुंचाया। इसके साथ ही प्रशासन को तुरंत सूचना दी और घायलों की स्थिति की नियमित अपडेट ली। उन्होंने कहा कि दोनों घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है।
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उन्होंने बताया कि रेस्क्यू अभियान में प्रशासन की पूरी मदद मिल रही है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देगन, एडीएम मदन कुमार, एसडीएम पधर डॉ. भावना वर्मा, डीएसपी पधर दिनेश कुमार और एनडीआरएफ टीम के लीडर लगातार अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ओम प्रकाश ठाकुर ने यह भी कहा कि गांव में इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद अभी तक कोई भी जन प्रतिनिधि राजबन गांव नहीं पहुंचा है। अभी तक दो लोग लापता हैं और लगातार उनकी तलाश में अभियान चलाया जा रहा है।