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142 साल पुराने ऐतिहासिक विक्टोरियापुल पर से वाहनों की आवाजाही बंद
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मंडी में बनकर तैयार नया विक्टोरिया पुल।
- फोटो : Mandi
मंडी। छोटी काशी मंडी की शान कहे जाने वाले 142 साल पुराने विक्टोरिया पुल से हर तरह के वाहनों की आवाजाही अब स्थायी रूप से बंद हो जाएगी। रविवार को ब्यास पर बने पुल का शुभारंभ सीएम जयराम ठाकुर करेंगे। इस पुल पर से आवाजाही शुरू होने के बाद विक्टोरिया पुल पर केवल पैदल राहगीर ही चल सकेंगे। दोपहिया वाहन तक पुल पर से नहीं गुजर सकेंगे। लोनिवि यहां पुल के दोनों ओर बाधक लगाएगा। पुल के शुभारंभ के बाद शहर में बरसों पुराने इस रास्ते की ट्रैफिक व्यवस्था भी बदलेगी। भ्यूली पुल बनने से पहले पठानकोट-जोगिंद्रनगर आने वाली सारी बसें, मालवाहक वाहन, लेह तक सेना को रसद इसी पुल पर से होकर गुजरती थी।
अब तक पच्चीस करोड़ खर्च
पूर्व मंत्री और सदर के विधायक अनिल शर्मा ने जब विक्टोरिया पुल के साथ नए पुल की जरूरत को महसूस किया तो उन्होंने नए पुल के निर्माण को विधायक प्राथमिकता में शामिल किया। वर्ष 2015 में उन्होंने तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह इसका शिलान्यास और 18 करोड़ के बजट का प्रावधान भी करवाया। नवंबर 2016 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ और तीन वर्षों के बाद नया पुल बनकर तैयार हो गया है। अब तक इस पुल के सारे निर्माण पर 25 करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है।
सीएम करेंगे पुल का शुभारंभ
मुख्यमंत्री आठ दिसंबर को प्रात: 11:40 बजे 156.40 मीटर स्पैन के इस ब्रिज का विधिवत उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री 8 दिसंबर रविवार को सुबह 11 बजे मंडी पहुंचेंगे। वह पुल के उद्घाटन से पहले प्रात: 11:15 बजे इंदिरा मार्केट के समीप उपनिदेशक उच्च शिक्षा के नवनिर्मित अतिरिक्त भवन का उद्घाटन भी करेंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री मंडी जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए जिला अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक करेंगे। इसके बाद वह दोपहर बाद 1: 40 बजे जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के गोलवां में जन समस्याएं सुनेंगे।
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राजा ने अपनी कार पहुंचाने के लिए बनवाया था पुल
1877 में मंडी रियासत के तत्कालीन राजा विजय सेन ने इनाम में जीती कार को शहर तक पहुंचाने के लिए अंग्रेजी हुकूमत से ब्यास नदी पर पुल का निर्माण करवाया था। अंग्रेजों ने एक लाख की लागत में इंग्लैंड में बने विक्टोरिया पुल की तरह यहां पर भी पुल का निर्माण किया और इसे भी विक्टोरिया पुल का ही नाम दिया गया। हालांकि इसे ‘‘पुल केसरी’’ के नाम से भी जाना जाता है।
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अब तक पच्चीस करोड़ खर्च
पूर्व मंत्री और सदर के विधायक अनिल शर्मा ने जब विक्टोरिया पुल के साथ नए पुल की जरूरत को महसूस किया तो उन्होंने नए पुल के निर्माण को विधायक प्राथमिकता में शामिल किया। वर्ष 2015 में उन्होंने तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह इसका शिलान्यास और 18 करोड़ के बजट का प्रावधान भी करवाया। नवंबर 2016 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ और तीन वर्षों के बाद नया पुल बनकर तैयार हो गया है। अब तक इस पुल के सारे निर्माण पर 25 करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है।
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सीएम करेंगे पुल का शुभारंभ
मुख्यमंत्री आठ दिसंबर को प्रात: 11:40 बजे 156.40 मीटर स्पैन के इस ब्रिज का विधिवत उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री 8 दिसंबर रविवार को सुबह 11 बजे मंडी पहुंचेंगे। वह पुल के उद्घाटन से पहले प्रात: 11:15 बजे इंदिरा मार्केट के समीप उपनिदेशक उच्च शिक्षा के नवनिर्मित अतिरिक्त भवन का उद्घाटन भी करेंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री मंडी जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए जिला अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक करेंगे। इसके बाद वह दोपहर बाद 1: 40 बजे जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के गोलवां में जन समस्याएं सुनेंगे।
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राजा ने अपनी कार पहुंचाने के लिए बनवाया था पुल
1877 में मंडी रियासत के तत्कालीन राजा विजय सेन ने इनाम में जीती कार को शहर तक पहुंचाने के लिए अंग्रेजी हुकूमत से ब्यास नदी पर पुल का निर्माण करवाया था। अंग्रेजों ने एक लाख की लागत में इंग्लैंड में बने विक्टोरिया पुल की तरह यहां पर भी पुल का निर्माण किया और इसे भी विक्टोरिया पुल का ही नाम दिया गया। हालांकि इसे ‘‘पुल केसरी’’ के नाम से भी जाना जाता है।