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Mandi News: उत्तराखंड के अफसर कीरतपुर-मनाली फोरलेन और टनल तकनीक से प्रभावित
Tue, 02 Dec 2025 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 02 Dec 2025 11:42 PM IST
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कीरतपुर-मनाली फोरलेन का जायजा लेती उत्तराखंड पीडब्लयूडी के उच्च अधिकाारियों की टीम। स्त्रोत- व
मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन और टनल बनाने की तकनीक से उत्तराखंड पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों को काफी प्रभावित किया है। अधिकारियों की टीम ने एनएचएआई के साथ बिलासपुर के नौणी चौक से मनाली तक पूरे प्रोजेक्ट का विस्तृत जायजा लिया। टीम ने पहाड़ी राज्य में फोरलेन निर्माण की अत्याधुनिक तकनीक, ढलान स्थिरीकरण उपायों और टनल इंजीनियरिंग को बारीकी से समझा।
इस दौरान सदस्यों ने आपदा से फोरलेन को पहुंचे भारी नुकसान की स्थिति का भी निरीक्षण किया और बताया कि मात्र 14 दिनों में एनएच को दोबारा बहाल करना एनएचएआई की कार्यकुशलता का प्रमाण है। अधिकारियों ने यह भी अध्ययन किया कि मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ी भूभाग पर फोरलेन परियोजनाओं के दौरान क्या चुनौतियां सामने आती हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है।
दौरे के उपरांत टीम इन तकनीकों को उत्तराखंड की आगामी सड़क परियोजनाओं में लागू करने की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगी। दौरे पर पहुंचे उत्तराखंड पीडब्ल्यूडी के दल में सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे, ईएनसी राजेश शर्मा, चीफ इंजीनियर मुकेश परमार, एसई हरीश, ईई सुरेश तोमर, मनोज रावत और अंकित नौटियाल शामिल रहे। वहीं परियोजना निदेशक वरुण चारी और अशोक कुमार झा ने एनएचएआई की ओर से टीम का मार्गदर्शन किया।
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इस दौरान सदस्यों ने आपदा से फोरलेन को पहुंचे भारी नुकसान की स्थिति का भी निरीक्षण किया और बताया कि मात्र 14 दिनों में एनएच को दोबारा बहाल करना एनएचएआई की कार्यकुशलता का प्रमाण है। अधिकारियों ने यह भी अध्ययन किया कि मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ी भूभाग पर फोरलेन परियोजनाओं के दौरान क्या चुनौतियां सामने आती हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है।
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दौरे के उपरांत टीम इन तकनीकों को उत्तराखंड की आगामी सड़क परियोजनाओं में लागू करने की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगी। दौरे पर पहुंचे उत्तराखंड पीडब्ल्यूडी के दल में सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे, ईएनसी राजेश शर्मा, चीफ इंजीनियर मुकेश परमार, एसई हरीश, ईई सुरेश तोमर, मनोज रावत और अंकित नौटियाल शामिल रहे। वहीं परियोजना निदेशक वरुण चारी और अशोक कुमार झा ने एनएचएआई की ओर से टीम का मार्गदर्शन किया।
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