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Mandi News: नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन सेवा ठप
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नेरचौक (मंडी)। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। कॉलेज का रेडियोलॉजी विभाग पूरी तरह से ठप पड़ा है, क्योंकि विभाग में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं।
कॉलेज की ओपीडी रोजाना 1,500 से 2,000 तक रहती है। यहां मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति के दूरदराज इलाकों से लोग इलाज के लिए आते हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के न होने के कारण अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाएं पूरी तरह बंद हैं।
जानकारी के अनुसार हर दिन लगभग सैकड़ों अल्ट्रासाउंड और करीब 30 सीटी स्कैन की सिफारिशें डॉक्टरों की ओर से की जाती हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते मरीजों को मजबूरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटर का रुख करना पड़ रहा है जहां उन्हें महंगे दामों पर जांच करवानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कतें घटना दुर्घटना में घायल हो रहे मरीजों को पेश आ रही हैं।इस स्थिति से मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी है। मरीज के तीमारदारों में रमेश कुमार, श्याम सिंह, पूर्ण चंद व अन्य लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि सामान्य जनता को राहत मिल सके। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. डीके वर्मा ने बताया कि एकमात्र चिकित्सक अवकाश पर हैं। उच्चाधिकारियों को इस संबंध में सूचना दे दी गई है।
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कॉलेज की ओपीडी रोजाना 1,500 से 2,000 तक रहती है। यहां मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति के दूरदराज इलाकों से लोग इलाज के लिए आते हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के न होने के कारण अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाएं पूरी तरह बंद हैं।
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जानकारी के अनुसार हर दिन लगभग सैकड़ों अल्ट्रासाउंड और करीब 30 सीटी स्कैन की सिफारिशें डॉक्टरों की ओर से की जाती हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते मरीजों को मजबूरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटर का रुख करना पड़ रहा है जहां उन्हें महंगे दामों पर जांच करवानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कतें घटना दुर्घटना में घायल हो रहे मरीजों को पेश आ रही हैं।इस स्थिति से मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी है। मरीज के तीमारदारों में रमेश कुमार, श्याम सिंह, पूर्ण चंद व अन्य लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि सामान्य जनता को राहत मिल सके। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. डीके वर्मा ने बताया कि एकमात्र चिकित्सक अवकाश पर हैं। उच्चाधिकारियों को इस संबंध में सूचना दे दी गई है।
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