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Mandi News: बालीचौकी बाजार में दो और मकान ध्वस्त, पांच घरों पर मंडराया खतरा
Wed, 27 Aug 2025 06:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 27 Aug 2025 06:16 AM IST
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बालीचौकी बाजार में ध्वस्त मकान। संवाद
बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी बाजार के जीरो प्वाइंट में सोमवार रात पहाड़ी दरकने से दो और असुरक्षित मकान जमींदोज हो गए। इससे पहले भी एक मकान ढह चुका है। अब भी पांच घर खतरे की जद में हैं। प्रशासन ने समय रहते इन मकानों को खाली करवा दिया था। इस कारण कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
पहले मकान में 14 दुकानें, सात कमरों का गेस्ट हाउस और छह रिहायशी कमरे थे, जबकि दूसरे मकान में आठ दुकानें स्थित थीं। इन दोनों इमारतों के गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मकान मालिकों केसर सिंह, नारायण दास, डोले राम और बीर सिंह का कहना है कि उनकी जिंदगी की जमा पूंजी पलक झपकते ही मलबे में तब्दील हो गई। अपने आशियानों को आंखों के सामने गिरता देख प्रभावितों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस घटना से 22 दुकानदार प्रभावित हुए हैं। दुकानदार दुनी चंद टिंकू, प्रिंस और चुनी ने बताया कि उनकी रोजी-रोटी का साधन छिन गया है। कई लोगों ने समय रहते कुछ सामान बाहर निकाल लिया, लेकिन अधिकांश सामान मलबे में दब गया। दुनी चंद ने कहा कि उनकी दुकान के शटर बंद थे, जिससे पूरा सामान अंदर ही नष्ट हो गया।
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वह इस समय किराए के मकान में परिवार सहित रह रहे हैं और आय का कोई साधन नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि 2023 में उनका मकान भी आपदा की भेंट चढ़ गया था। जैसे-तैसे संभले ही थे कि दोबारा आपदा ने तबाह कर दिया। प्रभावित लोगों ने सरकार से उचित मुआवज़ा, पुनर्वास और राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है। स्थानीय लोग भी लगातार दरक रही पहाड़ी को देखते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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पहले मकान में 14 दुकानें, सात कमरों का गेस्ट हाउस और छह रिहायशी कमरे थे, जबकि दूसरे मकान में आठ दुकानें स्थित थीं। इन दोनों इमारतों के गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मकान मालिकों केसर सिंह, नारायण दास, डोले राम और बीर सिंह का कहना है कि उनकी जिंदगी की जमा पूंजी पलक झपकते ही मलबे में तब्दील हो गई। अपने आशियानों को आंखों के सामने गिरता देख प्रभावितों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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इस घटना से 22 दुकानदार प्रभावित हुए हैं। दुकानदार दुनी चंद टिंकू, प्रिंस और चुनी ने बताया कि उनकी रोजी-रोटी का साधन छिन गया है। कई लोगों ने समय रहते कुछ सामान बाहर निकाल लिया, लेकिन अधिकांश सामान मलबे में दब गया। दुनी चंद ने कहा कि उनकी दुकान के शटर बंद थे, जिससे पूरा सामान अंदर ही नष्ट हो गया।
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वह इस समय किराए के मकान में परिवार सहित रह रहे हैं और आय का कोई साधन नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि 2023 में उनका मकान भी आपदा की भेंट चढ़ गया था। जैसे-तैसे संभले ही थे कि दोबारा आपदा ने तबाह कर दिया। प्रभावित लोगों ने सरकार से उचित मुआवज़ा, पुनर्वास और राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है। स्थानीय लोग भी लगातार दरक रही पहाड़ी को देखते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।